छत्तीसगढ़ में राइस मिलर्स को जल्दी-जल्दी चावल जमा करने का सुझाव
09-Apr-2025 05:29 PM
रायपुर। छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ने राज्य के राइस मिलर्स से कहा है कि वे भारतीय खाद्य निगम के चिन्हित गोदामों पर कस्टम मिल्ड चावल की आपूर्ति में तेजी लाए और मंडियों में (सरकारी क्रय केन्द्रों) पर धान का जो स्टॉक बचा हुआ है उसका जल्दी से जल्दी उठाव करें।
खाद्य मंत्री ने मार्कफेड के अधिकारियों के साथ एक मीटिंग में कहा कि क्रय केन्द्रों पर खरीदे गए धान के स्टॉक की रफ्तार सुस्त हैं जिसे तेज करने की जरूरत है।
इसी तरह राइस मिलर्स खाद्य निगम को सही समय पर उचित मात्रा में चावल की आपूर्ति नहीं कर रहे हैं। इससे आगामी समय में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है। अधिकारियों को राइस मिलर्स के साथ समन्वय बनाना चाहिए।
खाद्य मंत्री के मुताबिक राज्य सरकार किसानों के हितों को विशेष प्राथमिकता दे रही है और इसलिए उससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की भारी खरीद करती रही है।
आगे भी इसका सिलसिला जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ केन्द्रीय पूल में चावल का योगदान देने वाला एक अग्रणी राज्य बन गया है और सरकारी नीति तथा सहायता से किसानों को धान का उत्पादन बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन मिल रहा है।
उनका कहना था कि किसानों को समुचित सहयोग-समर्थन एवं प्रोत्साहन देना राज्य सरकार की प्राथमिकता भी है और जिम्मेदारी भी।
खाद्य मंत्री ने सम्बद्ध अधिकारियों को आगामी खरीफ मार्केटिंग सीजन में धान की खरीद सुनिश्चित करने के लिए अभी से तैयारी आरंभ करने का निर्देश देते हुए
कहा कि उन्हें अपने- अपने इलाकों में क्रय केन्द्रों की स्थिति का अवलोकन करना चाहिए और यदि नए क्रय केन्द्रों के निर्माण की आवश्यकता महसूस हो तो उसका प्रस्ताव सरकार के पास भेजना चाहिए।
भंडारण केन्द्रों पर भी गहरी नजर रखी जानी चाहिए। क्रय केन्द्रों से भंडारण स्थानों की दूरी कम रखी जानी चाहिए ताकि धान-चावल के परिवहन खर्च में कमी आ सके।
