छत्तीसगढ़ में दलहन, तिलहन एवं गेहूं पर मंडी शुल्क से छूट देने की घोषणा

20-Dec-2024 04:33 PM

रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में दलहन, तिलहन तथा गेहूं पर मंडी शुल्क तथा कर्षक कल्याण शुल्क को 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि के लिए पूरी तरह स्थगित कर दिया है जिससे वहां लाखों किसानों के साथ-साथ दाल मिलर्स, तेल प्लांटों तथा फ्लोर मिलर्स को भारी राहत मिलेगी और व्यापारियों / स्टॉकिस्टों को भी फायदा होगा। छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने सरकार के इस निर्णय का स्थगन किया है। 

उल्लेखनीय है कि मिलर्स-प्रोसेसर्स द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया था कि मिलिंग-प्रोसेसिंग उदेश्य के लिए राज्य के बाहर से जो दलहन, तिलहन एवं गेहूं मंगाया जाता है उस पर मंडी शुल्क को समाप्त किया जाए।

इसे स्वीकार कर लिया गया और मुख्यमंत्री के निर्देश पर 17 दिसम्बर 2024 को एक अधिसूचना जारी करके बताया गया कि सभी मंडियों में मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क को स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय 13 मार्च 2024 से ही प्रभावी माना जाएगा और 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। 

उद्योग-व्यापार क्षेत्र ने सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि व्यापार तथा कृषि क्षेत्र के लिए यह अत्यन्त महत्वपूर्ण फैसला है जो छत्तीसगढ़ की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक साबित होगा और इससे किसानों तथा व्यापारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

इस शुल्क छूट के कारण छत्तीसगढ़ के व्यापारियों को पड़ोसी राज्यों से प्रतिस्पर्धी स्तर पर कारोबार करने में सहायता  मिलेगी और किसानों को उनके उत्पादों का लाभप्रद मूल्य हासिल करने में कठिनाई नहीं होगी।

मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार का यह फैसला जनहित में उठाया गया एक अहम कदम है और इससे आम जनता को कम दाम पर दैनिक उपयोग के उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।