एफसीआई के 80 प्रतिशत बकाए के भुगतान की राशि जारी

26-Nov-2024 05:49 PM

नई दिल्ली । भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने खाद्य सब्सिडी के तौर पर वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 1.47 ट्रिलियन रुपए का प्रावधान रखा है और इसमें से 80 प्रतिशत आवंटित राशि को पहले ही जारी किया जा चुका है।

इसके फलस्वरूप निगम को अब बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से अल्पकालीन ऋण लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और न ही वित्त वर्ष के शेष महीनों में अपनी गतिविधियों को जारी रखने हेतु वित्त व्यवस्था के लिए नकद ऋण सीमा का इस्तेमाल करना पड़ेगा। 

लेकिन आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि चावल के विशाल स्टॉक के भंडारण एवं रख रखाव पर भारी धनराशि खर्च हो रही है जबकि खुले बाजार में इसकी बिक्री की गति बहुत धीमी है।

बल्क खरीदार सरकारी चावल की खरीद में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसके फलस्वरूप चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में निगम का संचालनीय खर्च बढ़ जाएगा।  

केन्द्रीय वित्त मंत्रालय खाद्यान्न की खरीद के लिए विभिन्न राज्यों के साथ बातचीत कर रहा है और इससे खासकर चावल का विशाल अधिशेष स्टॉक मौजूद रहने की संभावना है।

इसे देखते हुए जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही के दौरान खाद्य निगम के लिए अतिरिक्त खाद्य सब्सिडी की राशि जारी करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

धान-चावल की जोरदार खरीद अभी जारी है और यह कम से कम 31 मार्च 2025 तक बरकरार रहेगी। उसके बाद रबी कालीन धान की खरीद आरंभ हो जाएगी मगर उस पर होने वाला खर्च अगले वित्त के बजट में शामिल होगा। खाद्य निगम को प्रत्येक वर्ष चावल और गेहूं की खरीद पर अत्यन्त विशाल धनराशि खर्च करनी पड़ती है।