एफसीआई को ओएमएसएस के तहत 25 लाख टन गेहूं उतारने का निर्देश
29-Nov-2024 11:22 AM
नई दिल्ली । प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण थोक मंडियों में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल होने तथा कीमतों में तेजी-मजबूती का माहौल जारी रहने से मिलर्स-प्रोसेसर्स को हो रही कठिनाई को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने बफर स्टॉक से 25 लाख टन गेहूं उतारने का निर्देश दिया है। साप्ताहिक ई-नीलामी के जरिए फ्लोर मिलर्स, गेहूं उत्पादों के निर्माताओं, प्रोसेसर्स तथा अंतिम उपयोगकर्ताओं को इस गेहूं की बिक्री की जाएगी।
खाद्य महंगाई को नियंत्रित करने के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने यह निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि साप्ताहिक ई-नीलामी के माध्यम से प्राइवेट पार्टियों को 31 मार्च 2025 तक इस गेहूं की बिक्र की जाएगी।
इसका न्यूनतम आरक्षित मूल्य पहले ही नियत किया जा चुका है जो सामान्य औसत क्वालिटी (एफएक्यू) के लिए 2325 रुपए प्रति क्विंटल तथा यूआरएस के लिए 2300 रुपए प्रति क्विंटल है। यह 2024-25 के रबी मार्केटिंग सीजन सहित सभी पिछले सीजन के दौरान खरीदे गए गेहूं के लिए रिजर्व मूल्य है।
उल्लेखनीय है कि गेहूं का घरेलू बाजार भाव पिछले करीब एक साल से ऊंचा एवं तेज चल रहा है और दिल्ली समेत कई मंडियों में यह 3000 रुपए प्रति क्विंटल की सीमा को पहले ही पार कर चुका है।
इससे इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों का दाम भी काफी बढ़ गया है जिससे उपभोक्ताओं को कठिनाई हो रही है। केन्द्र सरकार इससे पूर्व उन 10 राज्यों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन कार्ड धारकों में मुफ्त वितरण के लिए 35 लाख टन गेहूं आवंटित कर चुकी है जहां पहले इसे रोक दिया गया था।
इसके अलावा भारत ब्रांड नाम के तहत 300 रुपए प्रति 10 किलो की दर से आटा की बिक्री भी की जा रही है। लेकिन खुले बाजार भाव पर जब इसका कोई असर नहीं पड़ा और मिलर्स-प्रोसेसर्स की जबरदस्त मांग का दबाव बरकरार रहा तब सरकार ने ओएमएसएस के तहत गेहूं की बिक्री का निर्णय ले लिया।
