एक जहाज पर सेला चावल की लोडिंग के लिए काकीनाडा के मिलर्स ने कोर्ट से गुहार लगाई
18-Dec-2024 05:35 PM
विजयवाड़ा । पश्चिम अफ्रीका को जाने वाले एक जहाज- स्टेला एल पनामा पर सेला चावल की लोडिंग का मामला इतना पेचीदा हो गया है कि काकीनाडा के तीन राइस मिलर्स को उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
हाई कोर्ट में दाखिल तीन अलग-अलग याचिकाओं में मिलर्स ने इस मामले में हस्तक्षेप करने तथा काकीनाडा बंदरगाह के अधिकारियों को यह निर्देश देने का आग्रह किया है कि वे बार्ज से जहाज पर सेला चावल की लोडिंग करने की स्वीकृति प्रदान करें।
याचिककर्तों के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि लोडिंग में हो रही देरी के कारण राइस मिलर्स को प्रतिदिन 4.20 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है लेकिन बंदरगाह के अधिकारी मनमाना निर्णय ले रहे हैं और अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने अधिकारियों को राइस मिलर्स के निर्यात लाइसेंस का विवरण तैयार करने, सेला चावल की लोडिंग से मिलर्स को रोकने के अधिकारों का हवाला देने तथा अन्य सम्बन्धित ब्यौरा प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। काकीनाडा बंदरगाह से विशाल मात्रा में चावल का निर्यात होता है।
केन्द्र सरकार गैर बासमती सफेद तथा सेला चावल के निर्यात को सभी दायित्वों से पहले मुक्त कर चुकी है और देश से इसका शानदार शिपमेंट भी होने लगा है मगर स्टेला पनामा जहाज पर सेला चावल की लोडिंग की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
यह एक बड़ा जहाज है जिसे पश्चिमी अफ्रीकी देशों के लिए रवाना होना है। मिलर्स अपना चावल बंदरगाह तक पहुंचा चुके हैं और अब जहाज पर इसकी लोडिंग होने का इंतजार कर रहे हैं। अगली सुनवाई के दौरान मामला स्पष्ट हो जाने की उम्मीद है।
