एमएसपी पर तुवर की सरकारी खरीद 3.92 लाख टन पर पहुंची

23-Apr-2025 05:48 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर 22 अप्रैल 2025 तक अरहर (तुवर) की सरकारी खरीद बढ़कर 3.92 लाख टन पर पहुंच गई।

कर्नाटक, महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा हरियाणा जैसे राज्यों में 7550 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर तुवर की हुई इस खरीद से 2,56,517 किसान लाभान्वित हुए। दो सरकारी एजेंसियों- नैफेड और एनसीसीएफ के ई-संयुक्ति पोर्टल पर पूर्व में पंजीकृत किसानों से भी तुवर की खरीदारी हो रही है।  

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि भारत सरकार अपनी दो अधिकृत नोडल एजेंसियों- नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से तुवर की शत प्रतिशत मात्रा खरीदने के लिए कृत संकल्प है। उपरोक्त राज्यों में मूल्य समर्थन योजना के तहत तुवर खरीदने की स्वीकृति पहले ही प्रदान की जा चुकी है।

सरकारी क्रय केन्द्रों पर इस महत्वपूर्ण दलहन की जो भी मात्रा पहुंचेगी उसकी खरीद निश्चित रूप से की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत कुल मिलाकर 13.22 लाख टन तुवर खरीदने की अनुमति दी गई है।

उत्पादकों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आंध्र प्रदेश में तुवर खरीद की समय सीमा को एक माह बढ़ा दिया है। पहले यह समय सीमा 22 अप्रैल तक निर्धारित थी मगर अब इसे 22 मई तक बढ़ा दिया गया है। आमतौर पर तुवर की खरीद के लिए 90 दिनों की समय सीमा नियत की जाती है। 

वित्त वर्ष 2025-26 के केन्द्रीय आम बजट में घोषणा की गई थी कि सरकार अगले चार साल तक यानी 2028-29 तक विभिन्न उत्पादक राज्यों में उत्पादित तुवर, उड़द एवं मसूर की 100 प्रतिशत खरीद करती रहेगी।

यह खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी ताकि किसानों को राहत मिल सके। घरेलू प्रभाग में दलहनों का उत्पादन बढ़ाने हेतु किसानों को इससे प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा।