एम्पोक को चीन और भारत में पाम तेल की मांग बढ़ने का भरोसा

22-Apr-2025 04:56 PM

कुआलालम्पुर। मलेशियन पाम ऑयल कौंसिल (एम्पोक) को भरोसा है कि चीन और भारत में अगले दो माह के दौरान पाम तेल का आयात बढ़ सकता है क्योंकि एक तो ग्रीष्मकाल से पूर्व वहां इसका दोबारा स्टॉक बढ़ाने का प्रयास किया जा सकता है और दूसरे, सोयाबीन तेल के मुकाबले पाम तेल का आयात अपेक्षाकृत सस्ता बैठ सकता है। 

एम्पोक द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि चीन में मई और जून के दौरान पाम तेल के आयात में बढ़ोत्तरी होने की उम्म्मीद है क्योंकि आमतौर पर गर्मी के महीनों में वहां खाद्य तेल की खपत बढ़ने की परिपाटी रही है।

वह अपने खाली भंडार को भरने का प्रयास करेगा। अमरीका से सोयाबीन के आयात में भारी गिरावट आने की आशंका है क्योंकि दोनों देशों के बीच भयंकर टैरिफ वार चल रहा है।

भारत  में पिछले तीन महीनों से पाम तेल का आयात सामान्य स्तर से कम हो रहा है जिसमें इसके स्टॉक में काफी कमी आ गई है। मई-जून में वहां इस कमी की भरपाई का प्रयास किया जा सकता है। 

एम्पोक के अनुसार आगामी सप्ताहों के दौरान पाम तेल का भाव काफी हद तक सहायक या सकारात्मक रहने की उम्मीद है। यह भाव 3900 रिंगिट प्रति टन के आसपास रहने की संभावना है जो काफी हद तक उचित और आयात के लिए आकर्षक है।

दूसरी ओर सोयाबीन तेल के दाम में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं। इससे पाम तेल की कीमत की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ गई है। सूरजमुखी तेल का दाम भी सोयाबीन तेल के पीछे मजबूत होने लगा है। 

वर्ष 2024 में भारत ने मेलशिया से करीब 30.30 लाख टन पाम तेल का आयात किया जो उसके कुल पाम तेल निर्यात का लगभग 18 प्रतिशत रहा। मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोक) के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2024 में चीन ने भी मलेशिया से 13.90 लाख टन पाम तेल मंगाया।

कुआलालम्पुर स्थित बुर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स (बीएमडी) एक्सचेंज में जुलाई डिलीवरी के लिए क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का वायदा भाव 3915 रिंगिट प्रति टन के करीब चल रहा है।