एथनॉल के लिए बढ़ती मांग के कारण मक्का के आयात की आवश्यकता
04-Sep-2024 06:04 PM
नई दिल्ली । एथनॉल निर्माण के लिए मक्का की जरूरत तेजी से बढ़ती जा रही है जिससे आगामी समय में इसके आयात की आवश्यकता पड़ सकती है।
घरेलू बाजार में मक्का का भाव उछलकर नए-नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने लगा है जिससे एक तरफ इसके निर्यात में भारी गिरावट आ गई है तो दूसरी ओर विदेशों से आयात की जरूरत बढ़ती जा रही है।
इसका आयात 10 लाख टन तक पहुंचने की उम्मीद है। पॉल्ट्री उद्योग सरकार से मक्का के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देने की मांग कर रहा है।
जीएम मक्का की आयात की मांग भी उठने लगी है जबकि म्यांमार एवं यूक्रेन जैसे देशों से गैर जीएम मक्का का आयात बढ़ने की संभावना है।
ध्यान देने की बात है कि भारत एक समय एशिया का सबसे प्रमुख मक्का निर्यातक देश बना था मगर अब मांग एवं खपत में भारी वृद्धि होने तथा घरेलू उत्पादन उसके अनुरूप नहीं बढ़ने से इसके आयात की आवश्यकता महसूस हो रही है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार यदि भारत सरकार शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देती तो वैश्विक बाजार में मक्का का भाव कुछ सुधर सकता है जो वर्तमान समय में करीब चार वर्षों के निचले स्तर पर आ गया है।
भारत में मक्का का दाम उछलकर वैश्विक बाजार मूल्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। पॉल्ट्री उद्योग चाहता है कि केन्द्र सरकार मक्का के आयात पर लागू सीमा शुल्क तथा जीएम मक्का के आयात पर लगे प्रतिबंध को समाप्त कर दे।
भारत से प्रति वर्ष 20 से 40 लाख टन के बीच मक्का का निर्यात होता है मगर चालू वर्ष में यह लुढ़ककर 4.50 लाख टन के आसपास सिमट जाने की संभावना है।
दूसरी ओर देश में मक्का का आयात बढ़कर 10 लाख टन पर पहुंचने के आसार हैं। हालांकि खरीफ कालीन मक्का के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और अगले महीने से इसके नए माल की आवक भी शुरू हो जाएगी मगर यह उत्पादन घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए शायद पर्याप्त नहीं होगा।
