एथनॉल मिश्रण के बड़े लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मक्का की आपूर्ति बढ़ाना आवश्यक
21-Apr-2025 04:20 PM
नई दिल्ली। पेट्रोलियम के आयात खर्च में कटौती करने तथा जैविक ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल बढ़ाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य बढ़ा रही है लेकिन उद्योग समीक्षकों का कहना है कि गन्ना की अनिश्चित पैदावार को देखते हुए अनाज आधारित डिस्टीलरीज में एथनॉल का उत्पादन बढ़ाना इसके लिए आवश्यक है और इसलिए मक्का की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने पर जोर देना आवश्यक होगा।
अकेले गन्ना से निर्मित एथनॉल इस ऊंचे लक्ष्य को हासिल करने में सक्षम नहीं है। चावल और मक्का से एथनॉल का उत्पादन बढ़ाना जरुरी है।
केन्द्र सरकार पेट्रोल में एथनॉल के नियम का लक्ष्य वर्तमान समय के 20 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 30 प्रतिशत नियत करने का प्लान बना रही है लेकिन इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एथनॉल के उत्पादन में भारी बढ़ोत्तरी करने की जरूरत होगी।
एक अग्रणी उद्योग विश्लेषक एवं श्री रेणुका शुगर्स के कार्यकारी चेयरमैन- अतुल चतुर्वेदी का कहना है कि एथनॉल का वार्षिक उत्पादन 15-16 अरब लीटर तक पहुंचाने के बाद ही यह लक्ष्य प्राप्त हो सकेगा।
चतुर्वेदी के मुताबिक गन्ना एवं चीनी क्षेत्र लगभग 7 अरब लीटर एथनॉल का उत्पादन दे सकता है। यदि 30 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य हासिल करना है तो देश में 15-16 अरब लीटर एथनॉल के उत्पादन की जरूरत पड़ेगी। इस तरह शेष 7-8 अरब लीटर एथनॉल के उत्पादन के लिए अनाज आधारित डिस्टीलरीज पर निर्भर रहना होगा।
यदि इन डिस्टीलरीज को पर्याप्त मात्रा में तथा उचित दाम पर कच्चा माल और खासकर मक्का उपलब्ध हुआ तो एथनॉल का उत्पादन बढ़ाने में ज्यादा कठिनाई नहीं होगी। चावल और मक्का के साथ-साथ अन्य अनाजों की आपूर्ति बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा सकता है।
लेकिन यह आसान काम नहीं है। एथनॉल उत्पादन को नियत स्तर तक पहुंचाने के लिए 250 से 300 लाख टन तक मक्का की जरूरत पड़ेगी और यदि देश में उत्पादित मक्का का इतना विशाल भाग एथनॉल निर्माण में इस्तेमाल किया गया तो पशु आहार, पॉल्ट्री फीड एवं स्टार्च निर्माण उद्योग को समुचित मात्रा में यह प्राप्त नहीं हो सकेगा।
ब्राजील में सोयाबीन के साथ-साथ गन्ना (चीनी) का दुनिया में सबसे ज्यादा उत्पादन होता है और वह अमरीका तथा चीन के बाद संसार का तीसरा सबसे प्रमुख मक्का उत्पादक देश है लेकिन फिर भी वहां पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण 27 प्रतिशत तक ही पहुंचा है जबकि उसे एथनॉल उत्पादन का लम्बा अनुभव है।
