एथनॉल निर्माण में चीनी का डायवर्जन हो सकता है कम
17-Jun-2026 01:36 PM
मुम्बई। इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) के महानिदेशक का कहना है कि एथनॉल के निर्माण में चीनी के डायवर्जन के प्रति भारतीय मिलर्स में दिलचस्पी घटती जा रही है क्योंकि इसका बिक्री मूल्य ज्यादा लाभदायक नहीं है।
सरकार गन्ना अवयवों से निर्मित एथनॉल का दाम बढ़ाने से हिचक रही है। हालांकि चीनी के एक्सफैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य में भी फरवरी 2019 के बाद में कोई इजाफा नहीं हुआ है लेकिन फिर भी यह अपेक्षाकृत उचित स्तर पर बरकरार है।
गन्ना अवयवों गन्ना जूस, शुगर सीरप, बी हैवी शीरा एवं सी-हैवी शीरा से निर्मित एथनॉल का उत्पादन एवं विपणन धीरे-धीरे चीनी मिलों के लिए अनाकर्षक होता जा रहा है।
गन्ना से निर्मित एथनॉल का मूल्य अब मक्का आधारित एथनॉल के दाम से भी नीचे आ गया है। गन्ना अवयवों से निर्मित एथनॉल के दाम में कम से कम 5 रुपए प्रति लीटर का इजाफा होना आवश्यक है तभी मिलर्स इसका उत्पादन बढ़ाने में दिलचस्पी दिखा सकते हैं।
इसके अलावा गन्ना अवयवों का पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध होना चाहिए और इसके उपयोग की कोई सीमा नियत नहीं होनी चाहिए। इस बार अल नीनो के कारण गन्ना की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है जिससे चीनी का उत्पादन घटने तथा भाव मजबूत रहने की संभावना है। ऐसी स्थिति में मिलर्स द्वारा एथनॉल के बजाए चीनी के उत्पादन को प्राथमिकता दी जा सकती है।
