फाओ का चावल मूल्य सूचकांक मई में 1.4 प्रतिशत ऊपर रहा

09-Jun-2025 01:52 PM

रोम। संयुक्त राष्ट्र संघ की अधीनस्थ एजेंसी- खाद्य एवं कृषि संगठन (फाओ) का वैश्विक चावल मूल्य सूचकांक पिछले महीने कुछ सुधर गया जिसके लिए मुख्यतः बासमती चावल की मांग एवं कीमत में होने वाली बढ़ोत्तरी को कारण माना जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक फाओ ने सभी चावल के वैश्विक औसत मूल्य का सूचकांक अप्रैल के मुकाबले मई में 1.4 प्रतिशत बढ़कर 106.03 प्वाइंट पर पहुंच गया।

फाओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि जून के पहले सप्ताह के दौरान मुस्लिम बहुल देशों में ईद-उल-अदहा (बकरीद) का पर्व होने के कारण मई माह के दौरान बासमती चावल की जोरदार मांग रही जिससे इसकी कीमतों में अच्छी तेजी आ गई। वैसे अन्य किस्मों एवं श्रेणियों के चावल की मांग सामान्य तथा कीमत काफी हद तक स्थिर देखी गई या इसमें मामूली बदलाव हुआ। 

अमरीका को थाईलैंड के होम माली चावल का निर्यात अतिरिक्त टैरिफ के दबाव से बच गया। अप्रैल में इसकी लोडिंग हुई थी लेकिन अमरीकी प्रशासन ने उसी समय नई टैरिफ को 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया। इसके फलस्वरूप आयातकों द्वारा मई माह में शिपमेंट के लिए भी चावल की खरीद के लिए कुछ सौदे कर लिए गए जिससे इसके दाम में सुधार आ गया। 

लेकिन वर्ष 2024 की तुलना में मई 2025 के दौरान चावल की सभी किस्मों- श्रेणियों के वैश्विक औसत मूल्य सूचकांक में 22.6 प्रतिशत की जोरदार गिरावट दर्ज की गई। दरअसल पिछले साल तक भारत से कुछ किस्मों के चावल के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध लगा हुआ था और गैर बासमती सेला चावल पर 10 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू था। इसके फलस्वरूप चावल के वैश्विक बाजार मूल्य में भारी इजाफा हो गया था। लेकिन जब भारत सरकार ने सभी किस्मों एवं श्रेणियों के चावल के निर्यात को शुल्कों, नियंत्रणों एवं प्रतिबंधों से पूरी तरह मुक्त कर दिया तब वैश्विक बाजार भाव में नरमी आने लगी। भारत दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख निर्यातक देश बना हुआ है।