फसल विविधीकरण के लिए एमएसपी पर निश्चित खरीद की गारंटी देना आवश्यक
26-May-2025 12:00 PM
नई दिल्ली। दाल-दलहनों के आयात पर निर्भरता घटाने तथा एथनॉल का उत्पादन बढ़ाने में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने अपनी दो अधिकृत एजेंसियों- नैफेड तथा एनसीसीएफ द्वारा डिजीटल प्लेटफार्म पर देशभर के 64 लाख से अधिक किसानों को पंजीकृत कर लिया है।
इन उत्पादकों से तुवर, उड़द एवं मसूर के साथ-साथ मक्का की खरीद भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर निश्चित रूप से की जाएगी। इससे उत्पादन बढ़ाने तथा फसल विविधिकरण की गति तेज करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। किसानों का रजिस्ट्रेशन प्रमुख उत्पादक राज्यों में किया गया है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एमएसपी पर निश्चित खरीद के लिए अभी तक नैफेड द्वारा 38 लाख तथा एनसीसीएफ द्वारा 26 लाख किसानों का पंजीकरण किया गया है। लेकिन फिलहाल इसमें केवल तीन दलहनों को ही शामिल किया गया है जबकि चना एवं मूंग को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
वैसे इन दोनों दलहनों की सरकारी खरीद भी एमएसपी पर की जाती है लेकिन यह सरकार के लिए बंधनकारी नहीं है। समीक्षकों का कहना है कि निश्चित खरीद वाले दलहनों की सूची में इन दोनों दलहनों को भी सम्मिलित किया जाना चाहिए। एमएसपी पर दलहनों की निश्चित खरीद की प्रक्रिया पिछले साल खरीफ सीजन से आरंभ हो चुकी है।
नैफेड के ई-समृद्धि तथा एनसीसीएफ के ई-संयुक्ति पोर्टल पर किसानों का पूर्व-पंजीकरण हो रहा है और बाद में आधार कार्ड के सत्यापन के आधार पर उससे तुवर, उड़द, मसूर तथा मक्का की खरीद की जाएगी।
मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत होने वाली इस खरीद से इतना निश्चित हो सकेगा कि किसानों को एमएसपी से नीचे दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा।
केन्द्र सरकार पहले ही तुवर, उड़द एवं मसूर की 100 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने की घोषणा कर चुकी है। पिछले दो साल से बाजार भाव ऊंचा होने के कारण सरकारी एजेंसियों को तुवर खरीदने में ज्यादा सफलता नहीं मिल रही थी लेकिन इस बार इसकी अच्छी खरीद हुई है।
पहले तुवर, उड़द एवं मसूर की अधिकतम 25 प्रतिशत खरीद करने का नियम प्रचलित था जिसे अब हटा लिया गया है। तुवर-उड़द की बिजाई शीघ्र ही आरंभ होने वाली है।
