गेहूं-चावल के एमएसपी के बारे में अमरीका के आरोप को भारत ने किया खारिज
29-Nov-2024 05:48 PM
जेनेवा । भारत ने विश्व व्यापार संगठन में चावल एवं गेहूं ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के सम्बन्ध में सही जानकारी नहीं देने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
अमरीका की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अर्जेन्टीना एवं यूक्रेन न आरोप लगाया था कि भारत इन दोनों महत्वपूर्ण खाद्यान्न बाजार मूल्य समर्थन के बारे में वास्तविक जानकारी उपलब्ध नहीं करवाता है। भारत ने इस शिकायत को आधारहीन एवं दुर्भावना से प्रेरित बताकर इसे रिजेक्ट कर दिया है।
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यू टीओ) में भारत के प्रतिनिधि ने खुलासा किया कि अमरीका सहित सांता देशों द्वारा इस सम्बन्ध में दी गई सूचना सही नहीं है और डब्ल्यू टीओ के कुछ चुनिंदा नियमों के गलत आंकलन पर आधारित है।
गत 26 नवम्बर को डब्ल्यू टीओ की कृषि समिति की एक बैठक में भारत के खिलाफ दिए गए काउंटर नोटिफिकेशन पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसमें भारतीय प्रतिनिधि ने तमाम आरोपों एवं शिकायतों को नकारते हुए कहा कि यह नोटिफिकेशन न केवल जल्दबाजी में लाया गया है बल्कि भ्रामक और काल्पनिक भी है।
भारत ने हमेशा इस बात का ध्यान रखा है कि डब्ल्यू टीओ के सभी नियमों एवं प्रावधानों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित हो और अपने दायित्वों का ठीक ढंग से परिपालन किया जाए। इन देशों ने नोटिफिकेशन में अमरीका का साथ दिया है उन्हें अपने सबमिशन्स को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि गत 11 नवम्बर को उपरोक्त पांच देशों ने वर्ष 2021 से 2023 के दो वर्षों के लिए कृषि सब्सिडी पर भारत के नोटिफिकेशन के जवाब में एक काउंटर नोटिफिकेशन जारी किया था।
इसमें कहा गया था कि भारत का नोटिफिकेशन नाटकीय ढंग से अंदर रिपोटिंग प्रतीत होता है। भारत में चावल और गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की जो कीमत दी गई है वह वास्तविक्ता से काफी कम है।
उल्लेखनीय है कि भारत में सरकारी एमएसपी प्रोग्राम के माध्यम से मुख्यत: किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जाता है।
