गेहूं के भंडारण हेतु पंजाब के गोदामों से 40 लाख टन चावल की निकासी

11-Apr-2025 11:10 AM

चंडीगढ़। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में गेहूं की नई फसल की कटाई-तैयारी और मंडियों में आवक शुरू हो चुकी है। पिछले साल की भांति चालू वर्ष के दौरान भी वहां विशाल मात्रा में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की सरकारी खरीद होने की उम्मीद है।

इसके सुरक्षित भंडारण के लिए वहां गोदामों / वेयरहाउसों को खाली करवाया जा रहा है। समझा जाता है कि पंजाब के गोदामों से लगभग 40 लाख टन चावल निकाल कर अन्य राज्यों में भेजा जा चुका है लेकिन फिर भी वहां गेहूं की विशाल संभावित खरीद के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान खाली नहीं हुआ है।

आगामी दिनों में सरकारी क्रय केन्द्रों पर गेहूं की आवक लगातार तेजी से बढ़ने की संभावना है जिसकी पूरी मात्रा की खरीद विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जाएगी। 

पंजाब की मंडियों में (सरकारी क्रय केन्द्रों पर) चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान लगभग 124 लाख टन गेहूं के पहुंचने की उम्मीद है। अगले सप्ताह से वहां आपूर्ति की गति तेज हो जाएगी।

आमतौर पर पंजाब में बैसाखी पर्व पर गेहूं की आवक तेजी से बढ़ने लगती है। इस वर्ष राज्य में लगभग 70 लाख टन गेहूं का भंडारण खुले रूप में होने की संभावना है जिसे कवर्ड एंड प्लींथ (कैप) स्टोरेज कहा जाता है।

सरकारी एजेंसियों को लकड़ियों के क्रेट्स के अभाव का भी सामना करना पड़ रहा है जिसकी जरूरत गेहूं के भंडारण में पड़ती है। 

इस बीच पंजाब में 31 लाख टन खाद्यान्न के भंडारण हेतु गोदामों के निर्माण का कार्य आरंभ हो गया है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इस सम्पूर्ण भंडारण सुविधा का निर्माण कार्य चालू वर्ष के अंत तक ही पूरा हो सकेगा इसलिए इस बार रबी कालीन गेहूं का उसमें भंडारण करना संभव नहीं हो पाएगा।

वर्तमान समय में पंजाब में कुल मिलाकर लगभग 140 लाख टन खाद्यान्न के भंडार की सुविधा मौजूद है जो गत वर्ष के बराबर ही है। यह भंडारण सुविधा भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के स्वामित्व में है।

इसके अलावा प्रांतीय खाद्यान्न खरीद एजेंसियों के स्वामित्व में 35 लाख टन की भंडारण क्षमता उपलब्ध है। पंजाब में प्रति वर्ष गेहूं एवं चावल की सरकारी खरीद 240 लाख टन से ज्यादा होती है।