गेहूं के बाजार को दबाने के बजाए ओएमएसएस में बिक्री शुरू करना बेहतर
30-Aug-2025 12:50 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा स्टॉक सीमा में की गई कटौती का गेहूं के बाजार पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। न तो थोक मंडियों में गेहूं की आपूर्ति में ज्यादा सुधार आया है और न ही कीमतों में कोई विशेष गिरावट आई है।
इससे साफ संकेत मिलता है कि व्यापारियों / स्टॉकिस्टों एवं मिलर्स-प्रोसेसर्स के पास गेहूं का कोई भारी-भरकम स्टॉक मौजूद नहीं है और इसलिए थोक मंडियों में आवक सामान्य बनी हुई है।
स्टॉक सीमा में हुई कटौती से गेहूं के व्यापारी ज्यादा हैरान नहीं है मगर कुछ घुटन और दबाव अवश्य महसूस कर रहे हैं। व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि जब गेहूं का थोक मंडी भाव स्थिर बना हुआ था तब स्टॉक सीमा में कटौती करने की कोई आवश्यकता नहीं थी।
उद्योग-व्यापार समीक्षकों के अनुसार दरअसल सरकार ने गेहूं का उत्पादन अनुमान काफी बढ़ा-चढ़ाकर आंका है और इसके आधार पर खाद्य मंत्रालय कदम उठा रहा है।
आगामी त्यौहारी सीजन में गेहूं की कीमतों में आने वाली संभावित तेजी को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने एहतियाती प्रयास के तहत स्टॉक सीमा में कटौती की है।
इसके बजाए अगर खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत केन्द्रीय पूल से गेहूं की नीलामी बिक्री आरंभ की जाती है तो बेहतर होता। इससे मिलर्स-प्रोसेसर्स को समुचित मात्रा में गेहूं का स्टॉक प्राप्त हो जाता और मंडी भाव में तेजी की संभावना भी नहीं रहती।
जुलाई में ही सरकार ने ओएमएसएस की शुरुआत करने का संकेत दिया था और गेहूं के लिए न्यूनतम आरक्षित मूल्य भी निर्धारित कर दिया था। लेकिन अभी तक योजना को आरंभ नहीं किया गया है। इसके बजाए चावल की बिक्री इस योजना में शुरू कर दी गई है।
भारतीय खाद्य निगम के पास 50-60 लाख टन गेहूं का ऐसा अधिशेष स्टॉक मौजूद है जिसे खुले बाजार बिक्री योजना के माध्यम से बेचा जा सकता है। यदि इसकी प्रक्रिया जल्दी आरंभ हुई तो गेहूं के बाजार मूल्य में तेजी पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है।
गेहूं पर स्टॉक सीमा में कटौती का आदेश 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगा और 1 अप्रैल से नया रबी मार्केटिंग सीजन आरंभ हो जाएगा। सरकार का कहना है कि त्यौहारी सीजन में बाजार में गेहूं के आभासी (कृत्रिम) अभाव की आशंका को दूर करने के लिए स्टॉक सीमा को संशोधित किया गया है।
गेहूं का भाव काफी हद तक स्थिर बना हुआ है। 28 अगस्त को अखिल भारतीय स्तर पर गेहूं का औसत थोक मंडी भाव 2819.40 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो गत वर्ष से 1.7 प्रतिशत ज्यादा मगर पिछले महीने से 0.2 प्रतिशत कम था।
