गेहूं की व्यापारिक खरीद कुछ बढ़ने की उम्मीद

21-Apr-2025 08:32 PM

नई दिल्ली। सरकार ने इस वर्ष 1154.30 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान लगाया है लेकिन खरीद का लक्ष्य 313 लाख टन ही रखा है। अधिकारियों को लगता है कि गेहूं की खरीद पिछले सीजन के 266.05 लाख टन से बढ़कर इस बार 280-290 लाख टन पर पहुंच सकती है जबकि नियत लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद भी बनी हुई है।

पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में सरकारी खरीद की स्थिति बेहतर रह सकती है। इसके अलावा व्यापारियों- स्टॉकिस्टों एवं फ्लोर मिलर्स / प्रोसेसर्स द्वारा भी इस बार अधिक मात्रा में किसानों से गेहूं खरीदा जा सकता है क्योंकि सरकार ने 1 अप्रैल से गेहूं पर स्टॉक सीमा को समाप्त कर दिया है जिससे अब इसकी खरीद और इसके भंडारण पर कोई पाबंदी नहीं है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में व्यापारियों- मिलर्स को अधिक मात्रा में गेहूं खरीदने का मौका मिल सकता है क्योंकि वहां कोई अतिरिक्त बोनस नहीं दिया जा रहा है।

दिलचस्प तथ्य यह है कि इस बार पंजाब- हरियाणा में भी गेहूं की व्यापारिक खरीद बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं जबकि वहां मंडी टैक्स ऊंचा है। वैसे गेहूं की प्राइवेट खरीद पर सरकार की गहरी नजर रहेगी। 

समीक्षकों का कहना है कि इस बार बड़े-बड़े किसानों के साथ-साथ मध्यम दर्जे के उत्पादक भी गेहूं का स्टॉक दबाने का प्रयास कर सकते हैं।

पिछले साल उसके पास ज्यादा स्टॉक नहीं बचा था इसलिए बाजार भाव के ऊंचा होने पर उन्हें अपेक्षित फायदा नहीं मिल सका था। आपूर्ति के ऑफ सीजन में अक्सर गेहूं का दाम बढ़ जाता है। यह हकीकत किसानों की समझ में आ चुकी है।