गेहूं पर भंडारण सीमा का आदेश इस बार जल्दी लागू हुआ

30-May-2025 12:01 PM

नई दिल्ली। घरेलू बाजार में गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों में तेजी पर अंकुश लगाने के लिए केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस वर्ष 28 मई को ही इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न पर भंडारण सीमा (स्टॉक लिमिट) का आदेश लागू कर दिया जबकि आमतौर पर इसे जून में या आपूर्ति के लीन अथवा ऑफ महीनों में लागू किए जाने की परिपाटी रही है। 

चालू वर्ष के भंडारण सीमा आदेश के तहत बड़े व्यापारियों / थोक विक्रेताओं के लिए अधिकतम 3000 टन गेहूं का स्टॉक नियत किया गया है जबकि खुदरा व्यापारियों के लिए यह मात्रा 10 टन निर्धारित की गई है।

इसी तरह बिग चेन रिटेलर्स के लिए प्रत्येक आउटलेट पर अधिकतम 10 टन गेहूं का स्टॉक रखने की अनुमति दी गई है जबकि उसके सभी डिपो पर इससे 10 गुणा गेहूं का स्टॉक रखा जा सकता है।

जहां तक प्रोसेसर्स की बात है तो उसे कुल मिलिंग क्षमता के 70 प्रतिशत मात्रा के समतुल्य गेहूं का स्टॉक रखने की स्वीकृति मिली है। गेहूं पर भंडारण सीमा का यह आदेश 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। नियत मात्रा से अधिक स्टॉक वाले गेहूं को 15 दिनों के अंदर बेचना आवश्यक होगा। 

इससे पूर्व सरकार द्वारा वर्ष 2023 में 12 जून, 14 सितम्बर और 8 दिसम्बर को गेहूं पर भंडारण सीमा का आदेश लागू किया गया था जबकि वर्ष 2024 में 8 फरवरी, 24 जून, 13 सितम्बर तथा 11 दिसम्बर को स्टॉक लिमिट लागू की गई थी।

वर्ष 2025 में भी पहले 20 फरवरी को भंडारण सीमा लगाई गई और अब 28 मई को दोबारा इसे लागू किया गया। आमतौर पर स्टॉक लिमिट की समय सीमा 31 मार्च तक नियत की जाती है लेकिन हालात में सुधार के अनुरूप इसे नियत समय से पूर्व भी हटाया जा सकता है। अभी गेहूं की आपूर्ति का सीजन जारी है। 

गेहूं पर स्टॉक सीमा लागू होने की उम्मीद पहले से ही की जा रही थी क्योंकि सरकार को पता है कि इस बार प्राइवेट क्षेत्र द्वारा इसकी अच्छी खरीद की गई है और उसे नियमित रूप से बाजार में उतारना आवश्यक है।

लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि स्टॉक सीमा लागू होने के बावजूद गेहूं की कीमतों पर तत्काल कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा।