गेहूं उद्योग के लिए बड़ी राहत: स्टॉक लिमिट समाप्त, अब खुला व्यापार और पारदर्शिता साथ-साथ
06-Feb-2026 01:36 PM
गेहूं उद्योग के लिए बड़ी राहत: स्टॉक लिमिट समाप्त, अब खुला व्यापार और पारदर्शिता साथ-साथ
★ सरकार ने गेहूं पर लागू स्टॉक लिमिट को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। पहले जहां ट्रेडर्स/होलसेलर्स के लिए 2000 मीट्रिक टन, रिटेलर्स के लिए 8 मीट्रिक टन और प्रोसेसर्स के लिए मासिक स्थापित क्षमता का 60% (30 अप्रैल तक) की सीमा तय थी, वहीं अब किसी भी प्रकार की मात्रा सीमा लागू नहीं रहेगी।
★ हालांकि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए गेहूं का भंडारण करने वाली सभी संस्थाओं को प्रत्येक शुक्रवार को खाद्य भंडार पोर्टल पर स्टॉक स्थिति घोषित करना अनिवार्य होगा।
★ डीएफपीडी पोर्टल के अनुसार वर्ष 2025-26 में निजी संस्थाओं द्वारा घोषित गेहूं भंडारण लगभग 81 लाख मीट्रिक टन है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 30 लाख मीट्रिक टन अधिक है।
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स्टॉक लिमिट हटाए जाने के प्रमुख कारण
केंद्रीय पूल में पर्याप्त गेहूं भंडार
★ सरकार के पास केंद्रीय पूल में आरामदायक स्तर का स्टॉक उपलब्ध है, जिससे आपूर्ति को लेकर कोई तात्कालिक दबाव नहीं है।
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लगातार दूसरे वर्ष बंपर फसल की उम्मीद
★ बुवाई क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है और फसल की स्थिति बेहतर बताई जा रही है। ऐसे में लगातार दो वर्षों की अच्छी पैदावार की संभावना मजबूत है।
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खुले बाजार में निर्बाध खरीद-बिक्री
★ अब मिलर्स, स्टॉकिस्ट और थोक व्यापारी किसी भी मात्रा में खरीद कर सकेंगे। इससे बाजार में सहजता आएगी और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
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किसानों को खुली बिक्री का अवसर
★ किसान अब बिना मात्रा सीमा के अपनी उपज बेच सकेंगे। इससे उन्हें बेहतर विकल्प और सौदेबाजी की ताकत मिलेगी।
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अधिकांश राज्यों में पर्याप्त आपूर्ति
★ देश के लगभग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे बाजार संतुलित बना हुआ है।
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एमएसपी से नीचे भाव, बढ़ सकती है सरकारी खरीद
★ वर्तमान में कई मंडियों में गेहूं के दाम एमएसपी से नीचे चल रहे हैं। ऐसे में सरकारी खरीद बढ़ सकती है, जिससे केंद्रीय पूल में और अधिक स्टॉक जुड़ने की संभावना है।
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ओएमएसएस में कम रुचि
★ ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) में अपेक्षाकृत कम भागीदारी यह संकेत देती है कि बाजार में पहले से पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
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उद्योग पर दबाव में कमी
★ लगातार सरकारी हस्तक्षेप और स्टॉक लिमिट के कारण उद्योग पर दबाव बना हुआ था। अब यह निर्णय उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
★ स्टॉक लिमिट हटने से बाजार में स्वाभाविक संतुलन बनेगा, व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी और सप्लाई चेन मजबूत होगी। लंबे समय से उद्योग जिस राहत की उम्मीद कर रहा था,।
★ कुल मिलाकर, यह फैसला गेहूं व्यापार और प्रसंस्करण उद्योग के लिए अच्छी खबर माना जा रहा है।
