गुजरात में एमएसपी पर दलहन तिलहन की बिक्री हेतु किसानों का रजिस्ट्रेशन 1 सितम्बर से शुरू

28-Aug-2025 08:56 PM

गांधीनगर। गुजरात के कृषि मंत्री ने घोषणा की है कि राज्य के जो भी किसान प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी खरीफ कालीन दलहन एवं तिलहन फसलों- मूंगफली, सोयाबीन, उड़द एवं मूंग की बिक्री करने के इच्छुक है वे 1 से 15 सितम्बर 2025 के बीच अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

कृषि मंत्री का कहना था कि अग्रिम रजिस्ट्रेशन का अभियान इसलिए शुरू किया गया है ताकि राज्य के अधिक से अधिक किसानों की खरीफ मार्केटिंग सीजन में एमएसपी का फायदा सुनिश्चित हो सके। किसान ई-ग्राम केन्द्रों के ग्रामीण स्तर पर ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। 

कृषि मंत्री के मुताबिक पिछले साल की भांति चालू वर्ष के दौरान भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भारी मात्रा में दलहन-तिलहन की खरीद का प्लान बनाया जा रहा है ताकि किसी भी उत्पादक को इसके लाभ से वंचित न होना पड़े।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष गुजरात में एमएसपी पर 8.53 लाख से अधिक किसानों से 16,223 करोड़ रुपए मूल्य की 23.47 लाख टन फसलों की रिकॉर्ड खरीद की गई थी जिससे उत्पादकों को काफी राहत मिली।

इस बार भी पर्याप्त मात्रा में  खरीफ कालीन फसलों की सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाएगी। इसे देखते हुए किसानों को नियत सीमा के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन करवा लेना चाहिए। 

उल्लेखनीय है कि 2025-26 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए केन्द्र सरकार ने मूंग के लिए 8768 रुपए प्रति क्विंटल, उड़द के लिए 7800 रुपए प्रति क्विंटल, मूंगफली के लिए 7263 रुपए प्रति क्विंटल और सोयाबीन के लिए 5328 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। 

गुजरात में किसानों की संख्या करीब 62-65 लाख है जिसमें छोटे एवं सीमांत किसानों की संख्या ज्यादा है। राज्य में अनेक फसलों की खेती की जाती है। देश में कपास, मूंगफली एवं अरंडी का सर्वाधिक उत्पादन गुजरात में ही होता है।