गुजरात में ग्रीष्मकालीन फसलों की बिजाई जारी- क्षेत्रफल में सुधार
11-Feb-2025 01:03 PM
अहमदाबाद । देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में रबी कालीन फसलों की बिजाई की प्रक्रिया जनवरी में समाप्त होने के बाद किसानों ने अब ग्रीष्मकालीन या जायद सीजन की फसलों की बिजाई का अभियान आरंभ कर दिया है और इसकी खेती में वे अच्छी दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं।
इसके फलस्वरूप जायद फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 14,631 हेक्टेयर से करीब 33 प्रतिशत या 7131 हेक्टेयर बढ़कर इस वर्ष 10 फरवरी तक 21,782 हेक्टेयर पर पहुंच गया।
राज्य कृषि विभाग की नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार गत वर्ष की समान अवधि के मुकाबले चालू वर्ष के दौरान 10 फरवरी तक गुजरात में धान का उत्पादन क्षेत्र 6679 हेक्टेयर से उछलकर 15,607 हेक्टेयर तथा बाजरा का रकबा 26 हेक्टेयर से बढ़कर 290 हेक्टेयर पहुंचा मगर मक्का का बिजाई क्षेत्र 841 हेक्टेयर से घटकर 38 हेक्टेयर पर सिमट गया। इसके बावजूद अनाजी फसलों का कुल क्षेत्रफल 7546 हेक्टेयर से बढ़कर 15,935 हेक्टेयर पर पहुंच गया।
दलहन फसलों की बिजाई पीछे चल रही है। इसका कुल रकबा गत वर्ष के 1032 हेक्टेयर से गिरकर इस बार 630 हेक्टेयर पर अटक गया जबकि उड़द का बिजाई क्षेत्र 18 हेक्टेयर से बढ़कर 184 हेक्टेयर पर पहुंच गया। जायद कालीन दलहन फसलों की बिजाई आगे जोर पकड़ सकती है।
दलहनों की भांति तिलहन फसलों का रकबा भी पिछले साल के 814 हेक्टेयर से घटकर इस बार 488 हेक्टेयर पर सिमट गया।
इसके तहत मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 406 हेक्टेयर से गिरकर 190 हेक्टेयर तथा तिल का क्षेत्रफल 408 हेक्टेयर से फिसलकर 298 हेक्टेयर रह गया है।
इसके अलावा राज्य में गन्ना का उत्पादन क्षेत्र 1396 हेक्टेयर से गिरकर 1056 हेक्टेयर पर आ गया है जबकि ग्रीष्मकालीन ग्वार की बिजाई भी शुरू हो गई है। गजरात में जायद फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है।
रबी फसलों की कटाई-तैयारी के बाद ग्रीष्मकालीन फसलों की बिजाई जोर पकड़ती है। इसकी कटाई-तैयारी मई-जून में होने लगती है।
