गुजरात में खरीफ फसलों के बिजाई क्षेत्र में 25 प्रतिशत का इजाफा
17-Jun-2026 01:08 PM
गांधीनगर। देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में किसान खरीफ फसलों की खेती में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं जिससे वहां इसका क्षेत्रफल गत वर्ष से आगे चल रहा है।
राज्य कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुजरात में खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 3,41,188 हेक्टेयर से करीब 25 प्रतिशत बढ़कर इस बार 4,27,152 हेक्टेयर पर पहुंच गया है। दक्षिण पश्चिम मानसून के आने में देर होने के बावजूद खरीफ फसलों का रकबा बढ़ने से स्पष्ट संकेत मिलता है कि खेती के प्रति किसानों का आकर्षण कायम है।
वर्तमान खरीफ सीजन के लिए गुजरात में फसलों का सामान्य औसत क्षेत्रफल 85.30 लाख हेक्टेयर आंका गया है जिसके करीब 5 प्रतिशत भाग में बिजाई पूरी हो चुकी है। जब किसानों को मानसूनी वर्षा का सहारा मिलेगा तब फसलों की बिजाई की रफ्तार और भी बढ़ जाएगी।
एक खास बात यह है कि इस बार गुजरात के किसान कपास तथा मूंगफली की खेती पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इन दोनों फसलों के उत्पादन में गुजरात देश का सबसे अग्रणी राज्य है जबकि अरंडी का सबसे ज्यादा उत्पादन भी गुजरात में ही होता है। 15 जून 2026 तक गुजरात में मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 1,22,471 हेक्टेयर से बढ़कर 1,36,541 हेक्टेयर तथा तथा कपास का बिजाई क्षेत्र 1,87,681 हेक्टेयर से उछलकर 2,39,48 हेक्टेयर पर पहुंच गया।
अनाजी फसलों का क्षेत्रफल 282 हेक्टेयर से उछलकर 3612 हेक्टेयर, दलहनों का रकबा 232 हेक्टेयर से बढ़कर 673 हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 1,22,728 हेक्टेयर से सुधरकर 1,37,473 हेक्टेयर पर पहुंचा। ग्वार का रकबा भी तेजी से बढ़ा है।
उम्मीद की जा रही है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 22-23 जून तक गुजरात के दक्षिणी तट पर पहुंच सकता है। इसके बाद खरीफ फसलों की बिजाई की गति और भी तेज हो जाएगी। केन्द्र सरकार ने मूंगफली तथा कपास के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भारी बढ़ोत्तरी कर दी है जिससे गुजरात के किसान काफी उत्साहित है। अन्य फसलों का रकबा भी बढ़ने के आसार हैं।
