गुजरात में खरीफ फसलों के उत्पादन का पहला अग्रिम अनुमान जारी

09-Sep-2025 04:26 PM

गांधीनगर। देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में खरीफ फसलों की बिजाई का अभियान लगभग समाप्त हो चुका है और फसलें अब विकास के विभिन्न चरणों से होकर गुजर रही हैं।

इस बीच राज्य कृषि विभाग ने खरीफ फसलों के उत्पादन का प्रथम अग्रिम अनुमान जारी कर दिया है। इसके तहत 2024 के अंतिम उत्पादन अनुमान की तुलना में इस बार कुछ फसलों का उत्पादन घटने तथा कुछ अन्य फसलों का उत्पादन बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान गुजरात में चावल का उत्पादन 21.59 लाख टन से बढ़कर 22.25 लाख टन, मक्का का उत्पादन 4.21 लाख टन से उछलकर 5.33 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है

जबकि ज्वार का उत्पादन 26 हजार टन से गिरकर 23 हजार टन, बाजरा का उत्पादन 3.10 लाख टन से घटकर 3.03 लाख टन तथा रागी का उत्पादन 8 हजार टन से फिसलकर 7 हजार टन पर अटक जाने की संभावना है। 

इसी तरह दलहन फसलों के संवर्ग में अरहर (तुवर) का उत्पादन गत वर्ष के 3.08 लाख टन से बढ़कर इस बार 3.60 लाख टन तथा उड़द का उत्पादन 47 हजार टन से सुधरकर 54 हजार टन पर पहुंचने का अनुमान है जबकि मूंग का उत्पादन 33 हजार टन से गिरकर 30 हजार टन तथा मोठ का उत्पादन 9 हजार टन से फिसलकर 7 हजार टन पर अटकने की संभावना 

है।

तिलहन फसलों में मूंगफली का उत्पादन पिछले साल के 50.85 लाख टन से उछलकर इस बार 66.090 लाख टन तथा अरंडी  का उत्पादन 14.03 लाख टन से बढ़कर 14.35 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है और तिल का उत्पादन गत वर्ष के 22 हजार टन पर ही स्थिर रहने की संभावना व्यक्त की गई है लेकिन सोयाबीन का उत्पादन 5.10 लाख टन से घटकर 4.70 लाख टन पर अटक जाने की आशंका है। 

इसके अलावा गुजरात में कपास का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 71.50 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) से बढ़कर इस बार 73.31 लाख गांठ पर पहुंचने का अनुमान है जबकि ग्वार का उत्पादन 62 हजार टन से फिसलकर 60 हजार टन रह जाने की संभावना है। 

उल्लेखनीय है कि गुजरात मूंगफली, कपास तथा अरंडी का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है। उसके कुछ इलाकों में अभी बाढ़ का प्रकोप बना हुआ है जिससे फसलों को क्षति होने की आशंका है।