गुजरात में नर्मदा का पानी नियत समय से एक माह पूर्व ही छोड़ने का निर्णय

10-Apr-2025 07:34 PM

अहमदाबाद। गुजरात में खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए नर्मदा नदी का पानी आमतौर पर 15 जून से छोड़ा जाता है लेकिन इस बार भयंकर गर्मी, शुष्क मौसम एवं ऊंचे तापमान को देखते हुए सरकार ने नियत समय से एक माह पूर्व यानी 15 मई को ही पानी की निकासी आरंभ करने का निर्णय लिया है जिससे किसानों को जायद (ग्रीष्मकालीन) फसलों की सिंचाई करने में भी सहायता मिल सकती है।

आगामी खरीफ सीजन के दौरान जिन इलाकों में किसान विभिन्न फसलों की अगैती बिजाई करने की योजना बना रहे हैं उसे सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से नर्मदा का पानी एक माह पहले से ही उपलब्ध करवाने का फैसला किया गया है। 

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि राज्य के किसानों को कपास सहित अन्य खरीफ फसलों की खेती शुरू करने में सहायता देने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इससे किसानों को विभिन्न फसलों की बिजाई करने में सहूलियत होगी और इसकी उपज दर भी बढ़ेगी।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि आमतौर पर नर्मदा नदी का पानी प्रत्येक वर्ष 15 जून को छोड़ा जाता है मगर इस बार एक माह पूर्व ही छोड़ा जाएगा। इससे नर्मदा कमांड एरिया के अंतर्गत आने वाले करीब 13 लाख किसानों को फायदा होगा।

नर्मदा नदी में पानी का अच्छा स्टॉक मौजूद है इसलिए सरकार को उसे रिलीज करने में कठिनाई नहीं होगी। मध्य जून तक इन इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के भी पहुंच जाने की संभावना है जिससे फसलों की सिंचाई के लिए पानी का अभाव किसानों को महसूस नहीं होगा।

यदि इस बीच मानसून-पूर्व की अच्छी बारिश हो गई तो किसानों को और भी राहत मिलेगी। फिलहाल बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित अन्य समीपवर्ती क्षेत्रों में मानसून-पूर्व की जोरदार बारिश हो रही है और मौसम काफी ठंडा हो गया है।