गुजरात में प्रमुख रबी फसलों के बिजाई क्षेत्र में गिरावट

29-Nov-2024 07:42 PM

अहमदाबाद । गुजरात में गत वर्ष के मुकाबले वर्तमान रबी सीजन में अधिकांश फसलों का उत्पादन क्षेत्र पीछे चल रहा है जिसमें गेहूं, ज्वार, मक्का, दलहन, तिलहन, गन्ना एवं मसाले आदि मुख्य रूप से शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि इस राज्य में गेहूं की खेती सिंचित तथा असिंचित दोनों क्षेत्रों में होती है। वहां गेहूं का बिजाई क्षेत्र सिंचित क्षेत्र में 377 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.07 लाख हेक्टेयर तथा गैर सिंचित क्षेत्र में 18 हजार हेक्टेयर से गिरकर 3 हजार हेक्टयेर रह गया।

इस तरह गेहूं का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल में 3.95 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर इस बार 2.12 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। यह 25 नवम्बर 2024 तक का आंकड़ा है। 

वहां समीक्षाधीन अवधि में मक्का का उत्पादन क्षेत्र 68 हजार हेक्टेयर से गिरकर 61 हजार हेक्टेयर तथा ज्वार का क्षेत्रफल 15 हजार हेक्टेयर से घटकर 3 हजार हेक्टेयर रह गया। इस तरह अनाजी फसलों का कुल क्षेत्रफल भी 4.81 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.81 लाख हेक्टेयर रह गया। 

दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 3.45 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.30 लाख हेक्टेयर पर अटका। इसके तहत चना का क्षेत्रफल 3.14 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 1.84 लाख हेक्टेयर रह गया जबकि अन्य तिहानों का रकब 30 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 44 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा।   

सरसों का बिजाई क्षेत्र 2.21 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.33 लाख हेक्टेयर पर सिमट जाने से रबी कालीन तिलहनों का कुल उत्पादन क्षेत्र भी 2.21 लाख हेक्टेयर  से गिरकर 1.35 लाख हेक्टेयर रह गया। गुजरात चना तथा सरसों के महत्वपूर्ण उत्पादक राज्यों में शामिल है। 

गन्ना तथा मसाला फसलों की बिजाई भी गत वर्ष से पीछे चल रही है। गन्ना का रकबा 95 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 87 हजार हेक्टेयर रह गया। मसाला फसलों में जीरा, धनिया, सौंफ एवं लहसुन आदि का क्षेत्रफल काफी घट गया है।