गन्ना से निर्मित एथनॉल की कमी को अनाज वाला एथनॉल कर सकता है पूरा
09-Apr-2025 06:18 PM
नई दिल्ली। ऐसा प्रतीत होता है कि एथनॉल निर्मण के लिए पिछले साल की भांति इस बार भी गन्ना की उपलब्धता उम्मीद से कम रहेगी लेकिन इस कमी को अनाज पूरा कर सकता है।
पिछले साल सरकार ने एथनॉल के निर्माण में गन्ना के उपयोग की मात्रा निश्चित कर दी थी। हालांकि इस बार ऐसा कोई नियंत्रण लागू नहीं है मगर गन्ना की पैदावार कम होने से एथनॉल निर्माण में रुकावट आ रही है।
समझा जाता है कि गन्ना की घटती पैदावार को देखते हुए मिलों को एथनॉल निर्माण के लिए दोहरी फीड वाले स्वरूप में बदलने का प्रोत्साहन मिल सकता है।
चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट आने के संकेत पहले से ही मिल रहे हैं और देश भर की अधिकांश इकाइयां बंद हो चुकी हैं। यदि चीनी मिलों की डिस्टीलरीज में गन्ना के साथ-साथ अनाज की प्रोसेसिंग से भी एथनॉल के उत्पादन की सुविधा उपलब्ध हो तो उसे गन्ना की आपूर्ति नहीं होने पर भी अनाज के सहारे चालू रखा जा सकता है और इस तरह एथनॉल का उत्पादन नियमित रूप से होता रहेगा।
सरकार ने अनाज आधारित डिस्टीलरीज के लिए 2250 रुपए प्रति क्विंटल के रियायती मूल्य पर 24 लाख टन चावल की बिक्री का कोटा नियत किया है।
डिस्टीलरीज को यह चावल भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से उपलब्ध करवाया जाएगा। 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान पहले एथनॉल निर्माण में 42-45 लाख टन चीनी के समतुल्य गन्ना का उपयोग होने का अनुमान लगाया गया था मगर अब इसे घटाकर 32-35 लाख टन के करीब नियत किया जा रहा है।
इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि गन्ना से एथनॉल का उत्पादन पूर्व अनुमान से कम होगा। इससे पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने में कठिनाई होगी।
लेकिन समीक्षकों के कहना है कि चावल और मक्का से एथनॉल के उत्पादन में वृद्धि हो सकती है जो गन्ना से उत्पादन में आने वाली कमी की भरपाई कर सकती है।
मक्का का उत्पादन इस बार बेहतर होने की उम्मीद है जबकि विदेशों से इसका आयात भी बढ़ाया जा सकता है। डिस्टीलरीज के लिए 24 लाख टन सरकारी चावल का स्टॉक पहले से मौजूद है जबकि घरेलू प्रभाग में सस्ते दाम पर इसका पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध है।
इसके फलस्वरूप यदि गन्ना के बजाए अनाज से एथनॉल का उत्पादन ज्यादा हो जाए तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी। एथनॉल आपूर्ति का मार्केटिंग सीजन नवम्बर 2024 में आरंभ हुआ जो अक्टूबर 2025 तक बरकरार रहेगा।
