ग्वार मील का निर्यात प्रदर्शन सामान्य रहने की उम्मीद

10-Apr-2025 05:46 PM

नई दिल्ली। दुनिया में ग्वार के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं ग्वार गम तथा ग्वार मील के सबसे बड़े निर्यातक देश भारत से ग्वार मील का शिपमेंट प्रदर्शन लगभग सामान्य चल रहा है।

केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2024-25 के शुरूआती 10 महीनों में यानी अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 के दौरान देश से कुल 1,73,938 टन ग्वार मील का निर्यात हुआ

जो वित्त वर्ष 2023-24 की समान अवधि के शिपमेंट 1,76,485 टन से 2547 टन लेकिन वित्त वर्ष 2022-23 की इसी अवधि के निर्यात 1,65,003 टन पर अटक गया था जो 2023-24 में बढ़कर 2,07,471 टन पर पहुंच गया।

2024-25 के वित्त वर्ष में भी ग्वार मील का निर्यात 2023-24 के लगभग बराबर ही होने का अनुमान है। फरवरी और मार्च 2025 का आंकड़ा सामने आना बाकी है। उससे पूर्व 2021-22 के वित्त वर्ष में 94,174 टन ग्वार मील का निर्यात शिपमेंट किया गया था। 

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत से अप्रैल 2024 में 18,102 टन, मई में 27,155 टन, जून में 15,012 टन, जुलाई में 23,088 टन, अगस्त में 14,111 टन, सितम्बर में 15903 टन, अक्टूबर में 25,583 टन, नवम्बर में 10,306 टन तथा दिसम्बर 2024 में 16,964 टन ग्वार मील का निर्यात हुआ जबकि जनवरी 2025 में इसकी मात्रा 17,714 टन रही।

2023-24 की तुलना में 2024-25 के दौरान अप्रैल से नवम्बर तक आमतौर पर ग्वार मील के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई जिसमें मई का महीना अपवाद रहा। इसके बाद दिसम्बर-जनवरी में भी इसके शिपमेंट में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 

भारत में लगभग 70-75 प्रतिशत ग्वार का उत्पादन राजस्थान में तथा शेष 25-30 प्रतिशत का उत्पादन हरियाणा एवं गुजरात जैसे राज्यों में होता है।

ग्वार खरीफ कालीन फसल है जिसकी बिजाई जून से अगस्त के दौरान होती है। भारत से ग्वार मील के साथ-साथ ग्वार गम का निर्यात भी बड़े पैमाने पर होता है और वैश्विक बाजार में इसकी भारी मांग बरकरार रहती है।