घरेलू बाजार भाव नरम पड़ने से देसी चना का आयात बहुत कम
17-Jul-2025 02:40 PM
मुम्बई। पिछले साल की तुलना में चालू वित्त वर्ष के दौरान देसी चना के आयात की गति अत्यन्त धीमी देखी जा रही है क्योंकि घरेलू बाजार में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम होने से कीमत घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आसपास या उससे नीचे आ गई है
और अप्रैल से इसके आयात पर 10 प्रतिशत का सीमा शुल्क भी लागू है। भारतीय आयातकों के लिए ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से चना का स्टॉक मंगाना आर्थिक दृष्टि से ज्यादा लाभप्रद साबित नहीं हो रहा है। सम्पूर्ण दाल-दलहन बाजार में काफी हद तक स्थिरता देखी जा रही है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यद्यपि अप्रैल 2025 में देश के अंदर 14,336 टन चना का आयात हुआ जो अप्रैल 2024 के आयात 2371 टन से काफी अधिक रहा लेकिन मई में आयात 27,577 टन से घटकर 1200 टन तथा जून में 11,705 टन से लुढ़ककर 360 टन पर सिमट जाने का अनुमान है।
दरअसल सरकार ने मई 2024 से देसी चना के आयात को शुल्क मुक्त करने की घोषणा की थी जबकि उससे पूर्व इस इस पर 66 प्रतिशत का भारी-भरकम सीमा शुल्क लगा हुआ था इसलिए अप्रैल 2024 में इसका बहुत कम आयात हुआ था।
इस तरह चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यानी अप्रैल-जून 2025 के दौरान भारत में कुल 15896 टन चना का आयात होने का अनुमान है जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के सकल आयात 41,653 टन से काफी कम है।
उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2024-25 की सम्पूर्ण अवधि अप्रैल-मार्च के दौरान भारत में देसी चना का कुल आयात तेजी से उछलकर 15.06 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया जबकि उससे पूर्व इसकी मात्रा 2023-24 में 1.64 लाख टन, 2022-23 में 59 हजार टन तथा 2021-22 में करीब 1.41 लाख टन रही थी। 2020-21 में भी लगभग इतनी ही मात्रा में चना का आयात हुआ था जबकि 2019-20 में करीब 1.18 लाख टन चना मंगाया गया था।
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान अप्रैल में 2371 टन, मई में 27,577 टन, जून में 11,705 टन, जुलाई में 16,834 टन, अगस्त में 29,245 टन, सितम्बर में 25,690 टन, अक्टूबर में 37,648 टन, नवम्बर में 46,825 टन तथा दिसम्बर 2024 में 1,62,498 टन चना का आयात हुआ जबकि जनवरी 2025 में आयात तेजी से उछलकर 5,03479 टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया जो किसी एक माह का सबसे बड़ा आयात था। इसके बाद फरवरी 2025 में 3,80,915 टन तथा मार्च में 2,61,235 टन चना का भारी आयात किया गया।
दरअसल ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर 2024 से पूर्व चना की आपूर्ति का ऑफ सीजन चल रहा था इसलिए भारत में आयात अपेक्षाकृत कम हो रहा था। लेकिन अक्टूबर में नए माल की आवक शुरू होने के बाद भारतीय आयातकों ने इसका जोरदार आयात शुरू कर दिया जो जनवरी 2025 में पीक पर पहुंच गया। चना के आयात पर लागू 10 प्रतिशत का सीमा शुल्क ज्यादा ऊंचा नहीं है मगर अभी घरेलू बाजार की स्थिति इसके भारी आयात के लिए अनुकूल नहीं है।
