घरेलू प्रभाग में सामान्य कारोबार के साथ चावल की कीमतों में स्थिरता

30-Aug-2025 10:39 AM

मुम्बई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय चावल की अच्छी मांग बनी हुई है जबकि घरेलू प्रभाग में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति भी सुगम देखी जा रही है। चावल का वैश्विक बाजार भाव घटकर काफी नीचे आ गया है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विभिन्न आपूर्तिकर्ता देशों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है।

बांग्ला देश में भारत से चावल जा रहा है जिससे पूर्वी भारत और खासकर पश्चिम बंगाल में कीमत सुधरने लगी है लेकिन देश के अन्य भागों में कीमत स्थिर बनी हुई है। 

पिछले दिन मुम्बई के वाशी थोक मार्केट में 1401 एवं 1121 श्रेणी के बासमती चावल का भाव क्रमश: 7300-7400 रुपए प्रति क्विंटल तथा 7800-8000 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा। इसी तरह 5 प्रतिशत टूटे चावल के मूल्य में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 3150 रुपए प्रति क्विंटल के पुराने स्तर पर ही बरकरार रहा। 

उधर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की भवानी पुरम मंडी में प्रीमियम क्वालिटी के गैर बासमती चावल-सोना मसूरी का भाव 4600 रुपए प्रति क्विंटल पर कायम रहा जबकि पहले इसमें कुछ तेजी आने की उम्मीद की जा रही थी। 

सरकारी गोदामों में चावल का भरपूर स्टॉक मौजूद है और इसलिए कीमतों पर कुछ हद तक दबाव देखा जा रहा है। सरकार खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत चावल की बिक्री कर रही है और भारत ब्रांड के अंतर्गत बेचने के लिए अपनी एजेंसियों को 5 लाख टन चावल का स्टॉक आवंटित कर चुकी है।

एथनॉल निर्माताओं एवं प्रांतीय सरकारों को भी केन्द्रीय पूल से चावल की आपूर्ति की जा रही है। अक्टूबर से नए धान और फिर चावल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। चावल का भाव निश्चित सीमा में स्थिर रहने की संभावना है।