घटते बाजार भाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश के लालमिर्च उत्पादकों की बिकवाली कमजोर

18-Dec-2024 04:56 PM

गुंटूर । चीन, बांग्ला देश, वियतनाम एवं मलेशिया जैसे प्रमुख आयातक देशों के साथ-साथ घरेलू प्रभाग में भी मांग कमजोर रहने से लालमिर्च की कीमतों में गिरावट का माहौल देखा जा रहा है।

इससे उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है और उन्होंने अपने स्टॉक की बिक्री की गति धीमी करनी शुरू कर दी है। निर्यातकों के अनुसार बांग्ला देश में अगले महीने तक की खपत के लिए लालमिर्च का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है जबकि चीन के खरीदारों की नजर अगली फसल पर टिकी हुई है।

आंध्र प्रदेश की गुंटूर मंडी एशिया में लालमिर्च की सबसे बड़ी मंडी मानी जाती है। गुंटूर एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में स्थित कोल्ड स्टोरेज में फिलहाल 39.63 लाख बोरी से अधिक लालमिर्च का स्टॉक मौजूद है जो दिसम्बर 2023 में उपलब्ध कुल स्टॉक 32.64 लाख बोरी से 7 लाख बोरी ज्यादा है।

उत्पादकों ने माल का स्टॉक रोकना शुरू कर दिया है और अब कीमतों में तेजी आने का इंतजार कर रहे हैं। अनेक किसानों ने अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए चालू वर्ष के अंत तक अपनी लालमिर्च का स्टॉक बेचने का प्लान बनाया था मगर कीमत घटकर साल के सबसे निचले स्तर पर आ जाने से उसे स्टॉक बेचने में कठिनाई हो रही है। दूसरी ओर कोल्ड स्टोरेज में भी अधिक दिनों तक माल का स्टॉक रखना मुश्किल है क्योंकि इसका किराया-भाड़ा देना पड़ेगा। 

व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि आगामी सप्ताहों के दौरान लालमिर्च का भाव काफी हद तक स्थिर रहने की संभावना है लेकिन यदि निर्यात मांग में वृद्धि हुई तो कीमतों में तेजी का रुख बन सकता है।

घरेलू प्रभाग और खासकर उत्तरी भारत में जाड़े के मौसम में अक्सर लालमिर्च की मांग एवं खपत बढ़ जाती है। आंध्र प्रदेश सरकार लालमिर्च उत्पादकों की सहायता के लिए कदम उठाने पर विचार कर रही है।

हाल ही में वहां अनेक उपायों के बारे में घोषणा की गई है। लेकिन गुंटूर मंडी के साथ समस्या यह है कि वहां आंध्र प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ तेलंगाना के समीपवर्ती इलाकों से भी किसान अपनी लालमिर्च का स्टॉक लाकर बेचने की कोशिश कर रहे हैं जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।