हरियाणा में दलहन-तिलहन की सरकारी खरीद के लिए तिथियां निर्धारित

06-Feb-2025 10:50 AM

चंडीगढ़। हरियाणा में रबी कालीन तथा ग्रीष्मकालीन (जायद सीजन) फसलों की सरकारी खरीद की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। इसके तहत 20 मार्च से मसूर, 28 मार्च से सरसों, 1 अप्रैल से चना, 15 मई से ग्रीष्मकालीन मूंग तथा 1 जून से सूरजमुखी की खरीद आरंभ करने का निर्णय लिया गया है।

किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर इन दलहनों- तिलहनों की खरीद की जाएगी। हरियाणा के मुख्य सचिव ने सम्बन्धित अधिकारियों को इन जिंसों की खरीद के लिए सभी प्रबंध करने तथा क्रय केन्द्रों को चिन्हित करने के साथ-साथ भंडारण एवं बारदाने की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि किसानों को अपना उत्पाद बेचने में कोई कठिनाई न हो। सभी जिंसों की खरीद नियत समय पर आरंभ करने के लिए कहा गया है। 

केन्द्र सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5950 रुपए प्रति क्विंटल, चना का 5650 रुपए, मसूर का 6700 रुपए, सूरजमुखी का 7280 रुपए तथा मूंग का 8682 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

हरियाणा में इसी मूल्य पर दलहन-तिलहन खरीदा जाएगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन के दौरान हरियाणा में 21.08 लाख एकड़ में सरसों, 61 हजार एकड़ में चना, 63 हजार एकड़ में सूरजमुखी तथा 98 एकड़ में मसूर की बिजाई हुई है।

राज्य में 740 किलो प्रति एकड़ की औसत उपज दर के साथ 15.59 लाख टन सरसों के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा 30 हजार टन चना एवं 50 हजार टन सूरजमुखी के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है।

चना की औसत उपज दर 494 किलो प्रति एकड़ तथा सूरजमुखी की औसत उत्पादकता दर 800 किलो प्रति एकड़ अनुमानित की गई है।

मूंग की उपज दर 700 किलो प्रति एकड़ तथा कुल पैदावार 68 टन होने का अनुमान है जो रबी कालीन फसल होगी। इसके आगे ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 48 हजार टन होने की संभावना व्यक्त की गई है जो एक लाख एकड़ के क्षेत्रफल तथा 480 किलो प्रति एकड़ की औसत उपज दर पर आधारित है।