इंडोनेशिया में गैर कानूनी तरीके से पहुंच रही है भारतीय मूंगफली
14-Jan-2026 08:34 PM
दुमई। इंडोनेशिया सरकार ने दिसम्बर 2025 में भारतीय मूंगफली का आयात आगामी तौर पर स्थगित कर दिया था लेकिन अब कुछ कठिन शर्तों के साथ इसके आयात की अनुमति प्रदान कर दी है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार प्रतिबंध की अवधि के दौरान भी इंडोनेशिया के आयात भारत से चोरी-छुपे या गैर कानूनी ढंग से मूंगफली मंगाते रहे।
वे भारत से मूंगफली की खेप को पहले मलेशिया के क्लांग बंदरगाह पर पहुंचाते थे और फिर वहां से इंडोनेशिया के दुमई में ले जाते थे।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि इंडोनेशिया में कम से कम 90 प्रतिशत मूंगफली का आयात गैर कानूनी तरीके से हो रहा है।
सिंगापुर के एक व्यापारी के मुताबिक नवम्बर 2025 के दौरान मूंगफली की विशाल मात्रा से लदे 825 से अधिक कंटेनर दुमई के रास्ते गैर कानूनी ढंग से इंडोनेशिया में पहुंच गए
जबकि आधिकारिक बंदरगाहों पर केवल 80 कंटेनर ही पहुंच सके। दरअसल क्लांग से दुमई का मार्ग तस्करों के लिए काफी आकर्षक और सुरक्षित माना जाता है।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार भारत और मलेशिया के बीच व्यापार के लिए कोई सख्त नियम लागू नहीं है। मलेशिया के क्लांग बंदरगाह को एक ट्रांजिट पोर्ट माना जाता है।
वहां से बड़ी एवं छोटी नौकाओं में माल लादकर विभिन्न स्थानों पर पहुंचाया जाता है। इन नौकाओं में 20 कंटेनरों तक माल की लदान हो सकती है।
क्लांग बंदरगाह से मूंगफली की खेपों को इंडोनेशिया के दुमई पोर्ट तक पहुंचाना ज्यादा कठिन नहीं होता है। दुमई बंदरगाह को इंडोनेशिया में तस्करी का प्रमुख पोर्ट माना जाता है। यह रास्ता भारत से मलेशिया इंडोनेशिया को चावल की तस्करी के लिए भी जाना जाता है।
