इंडोनेशिया से शुरुआती पांच महीनों में पाम तेल का निर्यात 28 प्रतिशत बढ़ा
02-Jul-2025 01:04 PM
जकार्ता। दुनिया में पाम तेल के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- इंडोनेशिया से चालू वर्ष के दौरान पाम तेल उत्पादों के निर्यात की वृद्धि दोहरे अंक में बनी हुई है केन्द्रीय सांख्यिकी एजेंसी- की पीएस की रिपोर्ट के अनुसार इंडोनेशिया से चालू वर्ष के आरंभिक पांच महीनों में यानी जनवरी-मई 2025 के दौरान क्रूड पाम तेल एवं इसके विभिन्न मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात से हासिल होने वाली आमदनी बढ़कर 8.90 अरब डॉलर पर पहुंच गई
जो पिछले साल की समान अवधि की निर्यात आय से 27.89 प्रतिशत अधिक रही। पाम तेल उत्पादों का निर्यात ऑफर मूल्य भी ऊंचा रहा। वर्ष 2024 के शुरूआती पांच महीनों में इंडोनेशिया से 6.96 अरब डॉलर मूल्य के पाम तेल उत्पादों का निर्यात हुआ था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इंडोनेशिया से पाम तेल उत्पादों का निर्यात पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इस वर्ष जनवरी-मई के पांच महीनों में केवल 3.58 प्रतिशत बढ़कर 33 लाख टन के करीब पहुंचा मगर ऊंचे ऑफर मूल्य के कारण निर्यात आय में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हो गई।
जनवरी-मई 2025 के दौरान इंडोनेशियाई पाम तेल उत्पादों का औसत इकाई निर्यात ऑफर मूल्य 1076.17 डॉलर प्रति टन दर्ज किया गया जो जनवरी-मई 2024 के दौरान प्रचलित औसत मूल्य 871 डॉलर प्रति टन से 23.50 प्रतिशत ऊंचा रहा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस पांच माह की अवधि के दौरान पाकिस्तान भारत और चीन इंडोनेशियाई पाम तेल के तीन सबसे प्रमुख खरीदार रहे।
भारत की अच्छी खरीद के कारण इंडोनेशिया का व्यापार संतुलन घनात्मक हो गया। भारत के साथ इंडोनेशिया के गैर तेल एवं गैस का कारोबार जनवरी-मई 2025 में बढ़कर 5.32 अरब डॉलर हो गया।
भारत इंडोनेशियाई पाम तेल का सबसे प्रमुख आयातक देश बना हुआ है और निकट भविष्य में इसकी पोजीशन में कोई बदलाव होना मुश्किल है।
वैसे अप्रैल तक भारत में पाम तेल के कुल आयात में भारी कमी आ गई क्योंकि इसका दाम ऊंचा होने से भारतीय आयातकों द्वारा सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया मगर मई में पाम तेल के आयात में अच्छी बढ़ोत्तरी हो गई और जून में भी इसका आयात लगभग सामान्य होने की उम्मीद है।
