ई-85 प्रोग्राम से तत्काल एथनॉल की मांग बढ़ने की संभावना कम
16-Jun-2026 12:15 PM
नई दिल्ली। भारतीय एथनॉल निर्माताओं को 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान ई-85 प्रोग्राम लागू होने के बावजूद एथनॉल की मांग में भारी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद नहीं है लेकिन आने वाले वर्षों में इसकी मांग एवं खपत तेजी से बढ़ सकती है।
सरकार ने फ्लैक्स फ्यूल व्हीकल्स (एफएफवी) के लिए जैव ईंधन के तहत पेट्रोल में 85 प्रतिशत तक एथनॉल के मिश्रण की अनुमति देने का निर्णय लिया है। यह देखना आवश्यक होगा कि एफएफवी का प्रचलन इस साल तथा आगामी वर्षों में किस तरह बढ़ता है।
लेकिन पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक मिश्रण के लिए एथनॉल की मांग मजबूत बनी रहेगी। इस बार एथनॉल निर्माण के लिए गन्ना अवयवों का सीमित इस्तेमाल हुआ है
और मक्का, चावल तथा अन्य इनपुट से भी एथनॉल के उत्पादन में ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। फिलहाल देश में एफएफवी वाहनों की संख्या भी सीमित ही है।
