जीएसटी दर में कटौती होने से पैकेज्ड खाद्य उत्पादों का कारोबार बढ़ने की उम्मीद

11-Sep-2025 03:39 PM

मुम्बई। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) की दरों में हुई कटौती के कारण पैकिंग युक्त खाद्य उत्पादों का कारोबार बढ़ने के आसार हैं क्योंकि कम टैक्स लगने से इसके दाम में कमी आएगी। जीएसटी की दरों में हुई कटौती 22 सितम्बर को नवरात्रि के दिन से लागू या प्रभावी होने वाली है। 

दरअसल सरकार ने नए संशोधन के तहत जीएसटी के चार स्लैब में से दो स्लैब 12 प्रतिशत तथा 28 प्रतिशत को समाप्त कर दिया है और अब मुख्यतः 5 प्रतिशत तथा 18 प्रतिशत का स्लैब ही प्रभावी रहेगा। इसके अलावा हानिकारक (तम्बाकू) उत्पादों तथा विलासिता सम्बन्धी वस्तुओं के लिए 40 प्रतिशत का एक नया टैक्स स्लैब लगाया गया है। 

उद्योग-व्यापार समीक्षकों के अनुसार टैक्स की नई दर प्रभावी होने के बाद अनाज, दाल, आटा तथा दैनिक उपयोग की अन्य आवश्यक वस्तुओं का कारोबार पैकेज्ड फॉर्मेट में ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।

नए संशोधन के बाद न केवल अनेक आवश्यक वस्तुओं को टैक्स से मुक्त कर दिया गया है बल्कि इसे 12 प्रतिशत, 18  प्रतिशत एवं 28 प्रतिशत के पुराने स्लैब से  निकाल कर 5 प्रतिशत टैक्स वाले स्लैब में भी शामिल किया गया है।

इसके फलस्वरूप अनेक फ्री पैकेज्ड खाद्य उत्पाद अब सस्ते हो जाएंगे क्योंकि उस पर 5 प्रतिशत या शून्य प्रतिशत का ही टैक्स लगेगा। पहले लूज फॉर्मेट या गैर लेबल वाले उत्पादों को ही इस श्रेणी में रखा गया था। अब पैकेज्ड खाद्य उत्पादों को भी इस सूची में सम्मिलित कर लिया गया है।

इससे दोनों श्रेणियों के उत्पादों के दाम में टैक्स की वजह से जो भारी अंतर बना हुआ था वह अब घट जाएगा। इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ता खाद्य पदार्थ, डेयरी उत्पाद एवं बेकरी उत्पाद के लिए धीरे-धीरे लूज रूप के बजाए पैकेज्ड उत्पाद की तरफ आकर्षिक होने लगेंगे। जिन उत्पादों को टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया गया है उसकी पैकिंग में मांग एवं खपत तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इससे त्यौहारों के दौरान सभी पक्षों को फायदा होगा।