जनवरी में 30 हजार टन तुवर एवं 2.60 लाख टन मसूर के आयात का अनुमान
11-Feb-2025 06:22 PM
मुम्बई। चालू कैलेंडर वर्ष के प्रथम माह यानी जनवरी 2025 के दौरान तंजानिया, मोजाम्बिक, म्यांमार एवं मलावी- जैसे देशों से तुवर तथा कपास, ऑस्ट्रेलिया एवं अमरीका जैसे देशों से मसूर का अच्छा आयात होने का अनुमान है।
इधर घरेलू प्रभाग में अरहर (तुवर) के नए माल की भारी आवक हो रही है जबकि मसूर की नई फसल की जोरदार कटाई-तैयारी अगले महीने से शुरू होने वाली है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2025 में देश के अंदर कुल 30,372 टन तुवर का आयात हुआ। इसके तहत तंजानिया से सर्वाधिक 12,326 टन तथा मोजाम्बिक से 11,706 टन तुवर का आयात किया गया।
इसके अलावा म्यांमार से 3990 टन, मलावी से 2080 टन, सूडान से 222 टन तथा केन्या से 48 टन तुवर का आयात हुआ।
म्यांमार में शीघ्र ही नई फसल की जोरदार आवक शुरू होने की संभावना है जिससे भारत में इसका आयात बढ़ने के आसार हैं। जनवरी 2025 में चेन्नई बंदरगाह पर 16,211 टन तथा जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) पर 14,162 टन आयात किया गया।
जहां तक मसूर का सवाल है तो इसका आयात देश के विभिन्न बंदरगाहों पर हुआ। इसमें चेन्नई एवं जेएनपीटी के अलावा कांडला, कोलकाता, मूंदड़ा, विजाग तथा तूतीकोरिन बंदरगाह भी शामिल है। ज्यादा आयात कांडला एवं कोलकाता में किया गया।
जनवरी 2025 के दौरान कनाडा से 1,69,840 टन, ऑस्ट्रेलिया से 73,429 टन, अमरीका से 15,428 टन, रूस से 1303 टन तथा इराक से 400 टन के साथ भारत में कुल 2,60,400 टन मसूर का आयात होने का अनुमान है।
समीक्षाधीन माह के दौरान कांडला बंदरगाह पर सर्वाधिक 1,20,409 टन तथा कोलकाता बंदरगाह पर 77,978 टन मसूर का आयात हुआ जबकि मूंदड़ा बंदरगाह पर 20,399 टन, चेन्नई पर 14,942 टन, तूतीकोरिन पर 14,395 टन, जेएनपीटी पर 10,959 टन तथा विजाग बंदरगाह पर 1318 टन मसूर का आयात किया गया।
तुवर तथा मसूर का घरेलू बाजार भाव काफी हद तक स्थिर हो गया है लेकिन फिर भी विदेशों से इसका नियमित आयात जारी है।
