जीरा उत्पादन में गिरावट

22-Feb-2025 10:45 AM

जीरा उत्पादन में गिरावट
★ भारत में 2024-25 सीजन के लिए जीरे का उत्पादन पिछले साल की तुलना में कम रहने का अनुमान। इसकी मुख्य वजह बुवाई क्षेत्र में कमी, मौसम की मार और कीट संक्रमण बताई जा रही है।
★ इस साल जीरे की फसल 70 से 75 लाख बैग (55 किलो प्रति बैग) के बीच रह सकती है, जो कि पिछले साल के 1.15 करोड़ बैग के मुकाबले काफी कम है।
★ गुजरात में 20% और राजस्थान में लगभग 5% क्षेत्रफल घटा। अक्टूबर-नवंबर में अधिक तापमान के कारण बीज अंकुरण प्रभावित हुआ, जिससे देरी से बुवाई करनी पड़ी। 
★ राजस्थान के नागौर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
★ शुरुआती समय पर बोई गई फसल (कुल क्षेत्र का 60-65%) ठीक स्थिति में है, लेकिन देर से बोई गई फसल कमजोर दिख रही है।
★ आने वाले 2-3 हफ्ते बेहद अहम होंगे क्योंकि फसल पहले से 1 महीने लेट हो चुकी है।
★ पिछले साल भारत में जीरे का उत्पादन 8.6 लाख टन था, जो 2022-23 के 5.77 लाख टन से अधिक था। लेकिन इस बार उत्पादन में 30% तक की गिरावट संभव है, जिससे घरेलू बाजार और निर्यात दोनों पर असर पड़ सकता है। इससे जीरे की कीमतों में बढ़ोतरी भी हो सकती है।