जोरदार बारिश से जलाशयों में पानी का स्तर 40 प्रतिशत से ऊपर पहुंचा
04-Jul-2025 11:03 AM
नई दिल्ली। उम्मीद के अनुरूप दक्षिण-पश्चिम मानसून की जोरदार बारिश होने से देश के 161 प्रमुख बांधों एवं जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष पानी का स्टॉक बढ़कर 40 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया है।
केन्द्रीय जल आयोग की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार इन 161 बांधों- जलाशयों में पानी की कुल भंडारण क्षमता 182.444 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) की है जबकि उसमें 78.381 बीसीएम या 43 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद है।
पिछले सप्ताह 36 प्रतिशत पानी का भंडार उपलब्ध था। इसमें से पांच जलाशय पानी से लबालब भर गए हैं जबकि दक्षिण भारत के दो प्रमुख जलाशय- कृष्णा राजा सागर तथा मेट्टूर (स्टैनली) भी पानी से पूरी तरह भरने के करीब पहुंच गया है।
मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव से अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य औसत से करीब 12 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है जबकि मानसून फिलहाल अनेक राज्यों में सक्रिय है जिससे वर्षा का दौर आगे भी जारी रहेगा।
इससे बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर नियमित रूप से बढ़ते रहने की संभावना है। इससे खासकर आगामी रबी सीजन में विभिन्न फसलों की सिंचाई के लिए पानी का ज्यादा स्टॉक उपलब्ध हो सकेगा।
बांधों- जलाशयों में पानी का मौजूदा स्टॉक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 89 प्रतिशत बिंदु तथा 10 वर्षीय औसत के मुकाबले 75 प्रतिशत बिंदु अधिक है।
उल्लेखनीय है कि जून के प्रथम पखवाड़े के दौरान मानसून सुस्त पड़ गया था जिससे राष्ट्रीय स्तर पर 15 जून तक सामान्य औसत से 31 प्रतिशत कम बारिश हुई थी लेकिन जून के दूसरे हाफ में इसकी सक्रियता इतनी तेजी से बढ़ी कि वर्षा की वह कमी आसानी से पूरी हो गई और कुल बारिश अधिशेष हो गई।
जल आयोग के मुताबिक अच्छी बात यह है कि देश के सभी पांच संभाग के बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक बढ़ गया है जिससे प्रतीत होता है कि प्रत्येक क्षेत्र में वर्षा का बेहतर ढंग से वितरण हुआ है।
हालांकि मानसून अपने नियत समय से पहले ही देश के सभी राज्यों में पहुंच गया लेकिन कई जिलों में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
उधर नेपाल में अत्यन्त मूसलाधार वर्षा होने के कारण वहां से आने वाली नदियों में पानी का स्तर बहुत बढ़ गया है। यही स्थिति उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश से निकलने वाली नदियों की भी देखी जा रही है।
