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13-Oct-2026 12:05 PM
कोच्चि। पीक त्यौहारी सीजन की वजह से छोटी (हरी) इलायची की दिसावरी मांग काफी मजबूत बनी हुई है जबकि निर्यात के लिए पूछ-परख भी बढ़ती जा रही है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में इलायची के नए माल की तुड़ाई-तैयारी एवं मंडियों में आवक की गति भी तेज हो गई है।
पिछले सप्ताह इलायची का औसत नीलामी मूल्य उछलकर 3200 रुपए प्रति किलो के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया। नीलामी केन्द्रों में इसकी औसत दैनिक आवक भी बढ़कर 100 टन के करीब पहुंच गई है। भरपूर आवक एवं बेहतर कारोबार के कारण नीलामी केन्द्रों में काफी चहल पहल देखी जा रही है।
2026-27 सीजन के दौरान हरी इलायची का उत्पादन अपेक्षाकृत बेहतर होने की उम्मीद है। एक अग्रणी नीलामीकर्ता के अनुसार शुरूआती चरण में ऐसा लग रहा था कि इस बार इलायची का उत्पादन कम होगा लेकिन अब आपूर्ति की बढ़ती मात्रा को देखते हुए प्रतीत होता है कि कुल मिलाकर उत्पादन की स्थिति बेहतर रहेगी।
केरल के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र- इडुक्की जिले में बारिश कम हुई थी। वहां जून- जुलाई में सामान्य औसत से करीब 40 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। लेकिन बाद में काफी अच्छी वर्षा होने से फसल की हालत सुधर गई। अब कम से कम दिसम्बर 2026 तक वहां शानदार उत्पादन होने के आसार हैं।
लेकिन अल नीनो के खतरे को देखते हुए अगले साल के उत्पादन में अनिश्चितता बनी हुई है जिससे उत्पादक दुविधा में फंसे हुए हैं। अभी उत्पादकों को आकर्षक मूल्य प्राप्त हो रहा है इसलिए वे इस अवसर का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं जबकि कुछ उत्पादक स्टॉक रोकने के मूड में हैं।