जायद सीजन में धान, मक्का एवं दलहनों का रकबा बढ़ा- मूंगफली एवं बाजरा के क्षेत्रफल में कमी
10-Apr-2025 11:23 AM
नई दिल्ली। ग्रीष्मकालीन या जायद सीजन की फसलों की बिजाई अंतिम चरण की ओर बढ़ने लगी है। राष्ट्रीय स्तर पर इसका कुल उत्पादन क्षेत्र 4 अप्रैल 2025 तक बढ़कर 60.22 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 52.40 लाख हेक्टेयर से करीब 15 प्रतिशत अधिक है।
आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार धान, मक्का एवं दलहन फसलों के उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुई है मूंगफली और बाजरा का रकबा घट गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जायद फसलों की बिजाई में अच्छी प्रगति हो रही है और बिजाई सीजन के अंत तक इसका कुल रकबा सामान्य औसत क्षेत्रफल तक पहुंच जाने की उम्मीद है।
उपलब्ध आंकड़ों से ज्ञात होता है कि अधिकांश फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से आगे चल रहा है जिसमें मूंग भी शामिल है।
इस वर्ष जायद फसलों का सामान्य औसत क्षेत्रफल 71.34 लाख हेक्टेयर आंका गया है जबकि अभी तक इसके 84 प्रतिशत से अधिक भाग में बिजाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
मालूम हो कि जायद फसलों की बिजाई रबी फसलों की कटाई-तैयारी तथा खरीफ फसलों की खेती शुरू होने के बीच की अवधि में होती है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान ग्रीष्मकालीन धान का उत्पादन क्षेत्र 17 प्रतिशत उछलकर 31.98 लाख हेक्टेयर तथा पोषक / मोटे अनाजों का बिजाई क्षेत्र 10.7 प्रतिशत बढ़कर 9.86 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
मोटे अनाजों के संवर्ग में उम्मीद के अनुरूप मक्का का क्षेत्रफल गत वर्ष के 5.13 लाख हेक्टेयर से 21.2 प्रतिशत बढ़कर इस बार 6.22 लाख हेक्टेयर तथा ज्वार का रकबा 17 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 31 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा लेकिन बाजरा का बिजाई क्षेत्र 9.5 प्रतिशत घटकर 3.15 लाख हेक्टेयर रह गया।
इसी तरह दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र करीब 26 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 11.04 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
इसके तहत मूंग का बिजाई क्षेत्र 24.7 प्रतिशत बढ़कर 8.34 लाख हेक्टेयर और उड़द का क्षेत्रफल 1.91 लाख हेक्टेयर से 32 प्रतिशत उछलकर 2.52 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा।
जायद कालीन दलहन फसलों के प्रमुख उत्पादक राज्यों में मध्य प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात आदि शामिल है। इसका सामान्य औसत क्षेत्रफल 21.65 लाख हेक्टेयर आंका गया है।
