कुछ नए नियमों के साथ बुधवार 4 दिसंबर से होगी गेहूं की सरकारी बिक्री शुरू

02-Dec-2024 11:14 AM

कुछ नए नियमों के साथ बुधवार 4 दिसंबर से होगी गेहूं की सरकारी बिक्री शुरू
★ पहले टेंडर में 1 लाख टन गेहूं बिक्री के लिए किया गया आवंटित। 
★ नई नीतियां के अनुसार उन मिलरों को प्रक्रिया से बाहर करना है जिनके पास स्टॉकिंग नॉर्म्स से अधिक स्टॉक है।
★ प्रत्येक बोलीदाता को यह सुनिश्चित करने का हलफनामा देना होगा कि उसके पास उसकी मासिक प्रसंस्करण क्षमता से अधिक गेहूं का स्टॉक नहीं है।
★ अगर किसी मिलर के पास 2,500 टन प्रति माह प्रसंस्करण क्षमता है और वर्तमान में उसके पास 2,450 टन गेहूं का स्टॉक है, तो वह केवल 50 टन गेहूं की बोली लगा सकता है। 
★ सरकार ने 27 नवंबर को घोषणा की थी कि FCI 25 लाख टन गेहूं को खुले बाजार में बेचने के लिए ई-ऑक्शन के माध्यम से पेश करेगा, जो फ्लोर मिलों और अन्य गेहूं उत्पादों के निर्माताओं, प्रसंस्करणकर्ताओं और अंतिम उपयोगकर्ताओं को 31 मार्च 2025 तक उपलब्ध कराया जाएगा।
★ इस कदम का उद्देश्य खुले बाजार में गेहूं की कीमतों को नियंत्रित करना है।
★ OMSS नीति के तहत गेहूं की "फेयर एंड एवरेज क्वालिटी (FAQ) के लिए न्यूनतम मूल्य रुपए 2,325 प्रति क्विंटल और रिलैक्स्ड स्पेसिफिकेशंस (URS) के तहत रुपए 2,300 प्रति क्विंटल तय किया गया है।
★ इसके अलावा, बोलीदाताओं को लागू परिवहन लागत और कर भी चुकाने होंगे।
★ प्रोसेसर/आटा मिल संचालक/गेहूं उत्पादों के निर्माता न्यूनतम 10 मीट्रिक टन और अधिकतम 25 मीट्रिक टन (यदि प्रोसेसिंग यूनिट का कनेक्शन एलटी है) तथा 100 मीट्रिक टन (यदि प्रोसेसिंग यूनिट का कनेक्शन एचटी है) के लिए नीलामी में भाग ले सकते हैं।
★ यदि बिजली बिल पर कनेक्शन का प्रकार उल्लेखित नहीं है, तो 1-75 केवीए की स्वीकृत लोड वाले बिजली कनेक्शन को एलटी कनेक्शन माना जाएगा।
★ आवंटित गेहूं की मात्रा को 15 दिनों के भीतर गेहूं उत्पादों में प्रोसेस करके खुले बाजार में बिक्री के लिए जारी करना होगा।
★ पहले की तरह ट्रेडर्स नीलामी में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।