काकीनाडा बंदरगाह पर चेक पोस्ट स्थापित करने पर हंगामा

16-Aug-2024 05:45 PM

विजयवाड़ा । आंध्र प्रदेश सरकार पीडीएस वाले चावल का डायवर्जन रोकने का  प्रयास कर रही है। उसे संदेह है कि यह चावल निर्यात उद्देश्य में जा रहा है और वास्तविक लाभार्थियों को इससे वंचित रहना पड़ता है।

इसे ध्यान में  रखकर उसने काकीनाडा बंदरगाह के प्रवेश द्वार के समीप एक चेक पोस्ट स्थापित कर दिया है ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल परिवारों को राशन दुकानों के जरिए प्राप्त होने वाले चावल के स्टॉक को निर्यात में जाने से रोका जा सके। लेकिन सरकार के इस कदम से वहां भारी बवाल मच गया है। 

शिपिंग कंपनियां इस चेक पोस्ट की वजह से कारोबार में बाधा पड़ने की शिकायत कर रही हैं। उसका कहना है कि इससे ट्रांसपोर्टर्स एवं लोडर्स का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

व्यापारिक सूत्रों के अनुसार सरकार जिस तरीक़े से चावल के डायवर्जन को रोकने का प्रयास कर रही है उससे समस्या काफी बढ़ गई है।

दरअसल इस बात की शिकायतें सरकार को मिल रही थी कि आंध्र प्रदेश में गरीब लोगों के बीच बांटे जाने वाले चावल का बड़ा भाव दलालों को सस्ते दाम पर बेचा जा रहा है और फिर वह स्टॉक निर्यातकों तक पहुंच जाता है।

एक निर्यातक का कहना है कि इस चावल के डायवर्जन को रोकने  के लिए सरकार का प्रयास स्वागत योग्य है मगर जिस ढंग से यह प्रयास हो रहा है वह तरीका सही नहीं है क्योंकि इससे सम्पूर्ण काकीनाडा शहर में कारोबार ठप्प पड़ने की आशंका पैदा हो गई है।

त हो कि काकीनाडा बंदरगाह चावल के निर्यात शिपमेंट का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। आंध्र प्रदेश सहित अन्य राज्यों से निर्यातक चावल लाकर इस बंदरगाह से बाहर भेजते हैं। 

वहां कुछ अन्य समस्याएं भी मौजूद है। निर्यात शिपमेंट के लिए तैयार चावल के स्टॉक को बेवजह जब्त किया जा रहा है। इसके लिए न तो कोई ठोस कारण बताया जाता है और न ही पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाती है।

आवक में भारी कमी आने से दिहाड़ी मजदूरों की आमदनी प्रभावित हो रही है। चेक पोस्ट की वजह से शहर में ट्रेफिक जाम लगने लगा है बंदरगाह की ओर जाने वाली सड़क से वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है।