काकीनाडा बंदरगाह से अरबों रुपए मूल्य के गैर कानूनी चावल का निर्यात

02-Dec-2024 11:02 AM

विजयवाड़ा । आंध्र प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री ने कहा है कि काकीनाडा बंदरगाह से पीछे पांच वर्षों के दौरान अफ्रीकी देशों को लगभग 45,000 करोड़ रुपए मूल्य के अवैध या गैर कानूनी चावल का निर्यात किया गया।

काकीनाडा बंदरगाह पर राज्य प्रशासन द्वारा लिए गए औचक निरीक्षण के दौरान पश्चिम अफ्रीका को भेजे जाने वाले एक जहाज को जब्त किया गया है जिस पर अवैध चावल लदा हुआ है।

खाद्य मंत्री के अनुसार उन सभी गोदामों पर जून 2024 से ही छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है जहां इस तरह का अवैध चावल जमा किया गया है।

उल्लेखनीय है कि अधिकारियों ने ऐसे 640 टन चावल का स्टॉक जब्त किया है जिसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए आवंटित किया गया था।

ध्यान देने की बात है कि आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री को जब इस बात की सूचना मिली कि काकीनाडा बंदरगाह पर जहाजों में 38 हजार टन संदिग्ध चावल की लोडिंग हो रही है तब उन्होंने अधिकारियों के साथ वहां का निरीक्षण किया। बंदरगाह पर लंगर डाले उस जहाज की जांच-पड़ताल की गई।

इस क्रम में एक ट्विस्ट उस समय आया जब बंदरगाह अधिकारियों ने उन्हें जहाज तक जाने की अनुमति नहीं दी। तब उप मुख्यमंत्री ने 29 नवम्बर 2024 को उस जहाज को जब्त करने का आदेश दे दिया।

वह जहाज अब भी राज्य प्रशासन के कब्जे में है। समझा जाता है कि पीडीएस के लिए आवंटित चावल का यह जब्त किया गया स्टॉक कुछ निर्यातकों द्वारा बैंक गारंटी के तहत जारी किया गया था जो अफ्रीका को जाने वाले एक जहाज पर लदा हुआ पाया गया। 

खाद्य मंत्री के अनुसार काकीनाडा बंदरगाह पर हमेशा एक दर्जन जहाज खड़ा रहता है और वहां से राज्य के किसी अन्य बंदरगाह की तुलना में चावल का ज्यादा निर्यात होता है क्योंकि उसमें पीडीएस वाले चावल की मात्रा ज्यादा रहती है।

पिछले पांच वर्षों के दौरान किसी को भी इस बंदरगाह के अंदरूनी भाग में कार्गों के सत्यापन की अनुमति नहीं दी गई और निर्यातकों के बारे में किसी को कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिल सकी।

इससे संकेत मिलता है कि इस गैर कानूनी निर्यात में बंदरगाह के अधिकारियों की भी मिलीभगत है। वहां से भारी मात्रा में पीडीएस का चावल बाहर भेजा जा रहा है।