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07-Oct-2026 06:43 PM
नई दिल्ली। कलौंजी की कीमतों में फिर तेजी का दौर शुरू हो गया है और अभी भी बाजार में धारणा तेजी की बनी हुई है क्योंकि एक ओर उत्पादक केन्द्रों पर कलौंजी का स्टॉक कम रह गया है वहीं दूसरी तरफ उत्पादक केन्द्रों पर पानी की कमी के चलते बिजाई भी प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। उल्लेखनीय है कि आई ग्रेन इंडिया ने अपने 2 सितम्बर के अंक में लिखा था कि दीपावली से पूर्व कलौंजी के भाव 225 रुपए बन जाने चाहिए जबकि वर्तमान में नीमच मंडी में कलौंजी का भाव 227 रुपए बोला जाने लगा है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है कि दिसम्बर-जनवरी माह में भाव 250 रुपए का स्तर पार कर सकते है।
उत्पादक केन्द्रों पर कमजोर आवक एवं हाजिर में बढ़ती मांग के कारण चालू सप्ताह के दौरान कलौंजी के भाव 7/8 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं और गुजरात की गोंडल एवं राजकोट मंडी में भाव 218/220 रुपए पर बोले जाने लगे हैं। जबकि मध्य प्रदेश की नीमच मंडी में भाव 225/227 रुपए पर बोले गए। नीमच मंडी में आवक 400/500 बोरी की चल रही है। सूत्रों का कहना है कि स्टॉक कम रह जाने के कारण मंडियों में आवक कम ही रहेगी। स्टॉक भी मजबूत हाथों में है जोकि भाव बढ़ने पर बाजार में आएगा। चालू सीजन के दौरान देश में कलौंजी का उत्पादन अधिक रहा था नई फसल आने से पूर्व फरवरी माह में भाव 250/260 रुपए बोला जा रहा था।
उत्पादन
चालू माह के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश, गुजरात एवं राजस्थान में कलौंजी की बिजाई का कार्य आरंभ हो जाएगा। लेकिन बारिश की कमी के कारण बिजाई गत वर्ष की तुलना में कम रहने की संभावना है। चालू सीजन के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर कलौंजी की रिकॉर्ड पैदावार रही और उत्पादन बढ़कर 6/6.25 लाख बोरी के स्तर पर पहुंच गया जबकि वर्ष 2025 में उत्पादन 3/3.25 लाख बोरी का रहा था। वर्ष 2024 में उत्पादन 2.50/2.75 लाख बोरी एवं वर्ष 2023 में 3.50/3.75 लाख बोरी का उत्पादन रहा था। कलौंजी की नई फसल की आवक मार्च-अप्रैल माह में शुरू होगी।
अधिक मन्दा नहीं
व्यापारिक सूत्रों का मानना है कि आगामी दिनों में कलौंजी के दाम में 20/25 रुपए प्रति किलो की तेजी आने की संभावना है क्योंकि एक ओर जहां उत्पादक केन्द्रों पर स्टॉक कम रह गया है वहीं दूसरी तरफ बिजाई भी घटने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि आगामी दिनों में त्यौहारी सीजन होने के कारण मांग में वृद्धि होगी। इसके अलावा उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर भी स्टॉक कम रह गया है। वर्तमान में गुजरात की मंडियों में कलौंजी का स्टॉक 1/1.25 लाख बोरी माना जा रहा है। जबकि राजस्थान एवं मध्य प्रदेश की मंडियों में स्टॉक 40/50 हजार बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जोकि नई फसल आने तक समाप्त हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में नई फसल के समय कलौंजी का स्टॉक 5/6 हजार बोरी का माना गया था। जबकि वर्ष 2025 में स्टॉक 30/35 हजार बोरी का था। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2027 में नई फसल के समय स्टॉक समाप्त हो जाएगा और पैदावार भी प्रभावित होगी। जिस कारण से वर्ष 2027 में कलौंजी के भाव तेज रहेंगे।