कम बिजाई एवं प्रतिकूल मौसम से सौंफ का उत्पादन घटने की संभावना
28-Feb-2025 04:07 PM
राजकोट। गुजरात, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 के रबी सीजन में सौंफ के बिजाई क्षेत्र में गिरावट देखी गई जबकि मौसम की हालत भी पूरी तरह फसल के लिए अनुकूल नहीं रही।
ऊंचे तापमान, बढ़ती गर्मी एवं वर्षा के अभाव के कारण कई क्षेत्रों में सौंफ की औसत उपज दर एवं क्वालिटी प्रभावित होने की आशंका है।
मोटे तौर पर 2024-25 के वर्तमान सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सौंफ का कुल उत्पादन घटकर 28-30 लाख बोरी तक सिमट जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि प्रत्येक बोरी 55 किलो की होती है।
नई सौंफ की आवक पहले ही शुरू हो चुकी है मगर इसकी मात्रा गत वर्ष से कम देखी जा रही है। उदाहरणस्वरूप गुजरात की ऊंझा मंडी में फिलहाल 2500-3000 बोरी नई सौंफ की आवक हो रही है जबकि पिछले साल की इसी अवधि में करीब 5000 बोरी की औसत दैनिक आवक हो रही थी।
राजस्थान में सौंफ की फसल अभी विकास के चरण में है। वहां नई फसल की आपूर्ति शुरू होने में अभी 25-30 दिन का समय लग सकता है।
आमतौर पर वहां भी फसल की हालत सामान्य या कुछ कमजोर बताई जा रही है। मध्य प्रदेश की बाड़वानी लाइन में बिजाई देर से होने के कारण सौंफ की फसल को पकने में विलम्ब हो रहा है।
वहां से इंदौर में इसकी सीमित आवक हो रही है। आगामी समय में जब तीनों राज्यों में नए माल की जोरदार आवक होगी तब कीमतों पर कुछ समय के लिए दबाव पड़ सकता है लेकिन बाद में भाव मजबूत होने की उम्मीद है।
2023-24 सीजन के दौरान सौंफ की कीमतों में 500 से 800 रुपए प्रति क्विंटल के बीच उतार-चढ़ाव देखा गया था इसलिए 2024-25 के सीजन में गुजरात या राजस्थान में इसका रकबा कुछ घट गया।
