कमजोर घरेलू उत्पादन से रूई का आयात बढ़ने का अनुमान
11-Apr-2025 06:11 PM
नई दिल्ली। भारत में 2024-25 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान रूई का आयात बढ़कर 33 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है जो 2023-24 सीजन के कुल आयात 15.20 लाख गांठ के दोगुने से भी ज्यादा है।
एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएआई) ने पहले 30 लाख गांठ रूई के आयात का अनुमान लगाया था जिसे अब 3 लाख गांठ और बढ़ा दिया गया।
एसोसिएशन के अनुसार मार्च 2025 के अंत तक भारतीय बंदरगाहों पर लगभग 25 लाख गांठ रूई का आयात हो चुका था।
एसोसिएशन के मुताबिक कपास का उत्पादन इस बार काफी घटने की संभावना है। इसलिए घरेलू खपत में लगभग स्थिरता रहने के बावजूद विदेशों से इसका आयात बढ़ाने की आवश्यकता पड़ रही है।
एसोसिएशन ने कपास का घरेलू उत्पादन घटकर 291.30 लाख गांठ पर सिमटने की संभावना व्यक्त की है जो पिछले माह के अनुमान से भी 4 लाख गांठ कम है। सरकार ने 294.27 लाख गांठ कपास के उत्पादन में 1 लाख गांठ की बढ़ोत्तरी की गई है। अन्य राज्यों के उत्पादन अनुमान में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
सीएआई के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन की पहली छमाही में यानी अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 के दौरान घरेलू मंडियों में कुल 306.83 लाख गांठ कपास की आपूर्ति हुई जिसमें 25 लाख गांठ का आयात तथा 30.19 लाख गांठ का पिछला बकाया स्टॉक भी शामिल है। शेष आवक नई घरेलू फसल की हुई।
एसोसिएशन ने 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में कपास की घरेलू खपत का अनुमान 315 लाख गांठ के पिछले स्तर पर बरकरार रखा है।
मार्च 2025 के अंत तक 170 लाख गांठ की खपत होने तथा देश से लगभग 9 लाख गांठ रूई का निर्यात होने की संभावना व्यक्त की गई है।
मार्च के अंत में 127.83 लाख गांठ रूई का स्टॉक बचा हुआ था। इसमें से 100.83 लाख गांठ का स्टॉक भारतीय कपास निगम (सीसीआई), महाराष्ट्र फेडरेशन तथा व्यापारियों / स्टॉकिस्टों के पास और शेष 27 लाख गांठ का स्टॉक टैक्सटाइल मिलों के पास मौजूद था।
2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन में देश से करीब 16 लाख गांठ रूई का निर्यात होने का अनुमान लगाया गया है जो 2023-24 सीजन के कुल शिपमेंट 28.36 लाख गांठ से 1236 लाख गांठ कम है। सीजन के अंत में 23.49 लाख गांठ रूई का स्टॉक बच सकता है।
