कमजोर मांग एवं आपूर्ति की अधिकता से चावल के वैश्विक मूल्य में सीमित उतार-चढ़ाव

18-Apr-2025 07:30 PM

हैदराबाद। प्रमुख आयातक देशों में मांग सुस्त पड़ने तथा निर्यातक देशों में आपूर्ति की स्थिति सुगम होने से चावल के वैश्विक बाजार मूल्य में सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

चालू सप्ताह के दौरान भारत के 5 प्रतिशत टूटे सेला चावल का निर्यात ऑफर मूल्य 388-394 डॉलर प्रति टन के पिछले स्तर पर बरकरार रहा जो गत 22 महीनों का सबसे निचला स्तर है।

इसी तरह 5 प्रतिशत टूटे सफेद चावल का दाम भी 378-383 डॉलर प्रति टन पर स्थिर देखा गया। वियतनाम में चावल की अच्छी उपलब्धता एवं कमजोर मांग से कीमतों में थोड़ी नरमी आई जबकि थाईलैंड में मुद्रा की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव आने से चावल का निर्यात मूल्य कुछ बढ़ गया। 

निर्यातकों का कहना है कि आपूर्ति की सुगम स्थिति के कारण चावल का बाजार अभी खरीदारों की मर्जी पर आश्रित हो गया है।

उन्हें पता है कि चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है और भारत में इसके निर्यात पर कोई रोक टोक लगने की संभावना नहीं है इसलिए वे कम भाव पर इसकी खरीद का प्रयास कर रहे हैं। वे देखना चाहते हैं कि कोई ऐसा निर्यातक है या नहीं जो उसके भाव पर चावल की बिक्री करने के लिए तैयार हो। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2025 को केन्द्रीय पूल में चावल का कुल स्टॉक बढ़कर 630.90 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जिसमें धान का वह स्टॉक भी शामिल है जिसकी कस्टम मिलिंग से खाद्य निगम को चावल प्राप्त होने वाला है। चावल का वह स्टॉक न्यूनतम आवश्यक मात्रा 136 लाख टन से बहुत ज्यादा है। 

वियतनाम के 5 प्रतिशत टूटे चावल का निर्यात ऑफर मूल्य पिछले सप्ताह के 399 डॉलर प्रति टन से कुछ गिरकर चालू सप्ताह में 396 डॉलर प्रति टन पर आ गया।

निर्यातकों के अनुसार कारोबारी गतिविधियां सुस्त पड़ गई हैं क्योंकि खरीदार चावल के उस स्टॉक की डिलीवरी प्राप्त करने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं जिसका सौदा पहले ही हो चुका है।

वियतनाम में चावल के अगले नए माल की आवक जून-जुलाई में शुरू होगी और तब तक कीमतों के रूख का अनुमान लगाना कठिन है। 

थाईलैंड के 5 प्रतिशत टूटे चावल का निर्यात ऑफर मूल्य पिछले सप्ताह के 390 डॉलर प्रति टन से बढ़कर चालू सप्ताह में 405 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गया।