कनाडा में मसूर की बिजाई लगभग पूरी- फसल की हालत सामान्य

30-May-2025 04:41 PM

रेगिना। कनाडा के दोनों शीर्ष उत्पादक प्रांतों- सस्कैचवान तथा अल्बर्टा में मसूर की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है और कुछ क्षेत्रों में हाल में हुई वर्षा से नवजात फसल को फायदा हुआ है।

लेकिन कुछ अन्य इलाकों में सूखे का संकट अभी बरकरार है और वहां अच्छी बारिश की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है। बारिश नहीं या लेट से होने पर पैदावार प्रभावित हो सकती है। 

लाल मसूर का निर्यात उछलकर 2020-21 सीजन के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के बाद अब तुर्किये में भी इसका उत्पादन कम होने के संकेत मिल रहे हैं।

इससे वैश्विक बाजर में मसूर की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रहने की आशंका है जिससे कीमतों में तेजी आ सकती। इसी तरह हरी मसूर का निर्यात भी बढ़कर 7.75 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है

जो पिछले अनेक वर्षों का उच्चतम स्तर होगा। लेकिन कनाडा में उत्पादन ज्यादा होने और अमरीका तथा काला सागर क्षेत्र के देशों से प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण हरी मसूर की कीमतों पर दबाव पड़ने की संभावना है। 

फिलहाल कनाडा की मंडियों में मसूर में अत्यन्त सीमित कारोबार हो रहा है और बड़े-बड़े उत्पादकों की ओर से भी माल की सीमित मात्रा की आपूर्ति की जा रही है। बल्क रूप में निर्यात का मूवमेंट धीमा  पड़ गया जो अक्सर इस समय हो जाता है।

फसल की बिजाई के बाद उत्पादक अब अपना माल उतारने का प्रयास कर सकते हैं। यदि आयातकों की मांग मजबूत नहीं रही तो मसूर के दाम में नरमी का माहौल बन सकता है।

हरी मसूर की कीमतों में मंदी का रुख देखा जा रहा है क्योंकि वैश्विक बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है। कनाडा में अगस्त-सितम्बर में मसूर के नए माल की आवक शुरू हो जाएगी और खरीदारों का ध्यान उस पर केन्द्रित हो गया है

इसलिए मौजूदा स्टॉक के लिए ज्यादा कारोबार नहीं हो रहा है। भारत में मसूर के आयात की मांग कमजोर है। लाल मसूर का भाव कुछ हद तक स्थिर बना हुआ है और आगामी समय के दौरान इसमें कुछ मजबूती आ सकती है। ऑस्ट्रेलियाई फसल पर भी नजर रखी जा रही है।