कनाडा से मई में मसूर का निर्यात बढ़ा मगर मटर का घटा
04-Jul-2025 01:27 PM
वैंकुवर। कनाडा में दलहन फसलों की बिजाई पहले ही समाप्त हो चुकी है और अगले महीने (अगस्त) से इसकी कटाई-तैयारी आरंभ होने वाली है। इस बीच वहां से 2024-25 सीजन में उत्पादित मसूर, मटर एवं काबुली चना का निर्यात शिपमेंट जारी है।
उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल की तुलना में मई 2025 के दौरान कनाडा से मसूर एवं काबुली चना के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई मगर मटर का शिपमेंट काफी घट गया।
दिलचस्प तथ्य यह है कि मई में भारत में कनाडाई मसूर का आयात 10 हजार टन से भी कम हुआ लेकिन मटर का आयात 50 हजार टन की सीमा को पार कर गया। भारत में अप्रैल से मसूर के आयात पर 10 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कनाडा से अप्रैल में 63,980 टन मसूर का निर्यात हुआ था जो मई में उछलकर 1,08,393 टन पर पहुंच गया। मई में कनाडा से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को सर्वाधिक 33,800 टन मसूर का निर्यात किया गया जबकि तुर्किए को 19,361 टन का शिपमेंट हुआ और वह दूसरे नंबर पर रहा।
इसके बाद 9334 टन के आयात के साथ भारत तीसरे स्थान पर रहा। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक कनाडा से पिछले मार्केटिंग सीजन के शुरुआती 10 महीनों में यानी अगस्त 2023 से मई 2024 के दौरान कुल 14,04,248 टन मसूर का निर्यात हुआ था जो 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन की समान अवधि में 2.89 लाख टन बढ़कर 16,93,349 टन पर पहुंच गया।
जहां तक मटर का सवाल है तो इसका निर्यात अप्रैल के 2,14,681 टन से लुढ़ककर मई में 1,00,579 टन पर अटक गया। मई में कनाडा से भारत को 52609 टन, क्यूबा को 20 हजार टन तथा अमरीका को 5895 टन मटर का शिपमेंट हुआ जबकि शीर्ष तीन खरीदार देशों में चीन शामिल नहीं रहा।
अगस्त 2024 से मई 2025 के 10 महीनों में कनाडा से 20,95,277 टन मटर का निर्यात हुआ जो अगस्त 2023 मई 2024 के कुल शिपमेंट 23,32,191 टन से काफी कम रहा। चीन ने मार्च में कनाडाई मटर पर 100 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा दिया था।
काबुली चना का निर्यात अप्रैल के 18,423 टन से बढ़कर मई में 26,221 टन पर पहुंचा। इसमें से पाकिस्तान को 11,048 टन, अमरीका को 3318 टन तथा तुर्किए को 1590 टन का शिपमेंट किया गया।
अगस्त 2024 मई 2025 को 10 महीनों के दौरान कनाडा से 1,79,442 टन काबुली चना का निर्यात हुआ जो अगस्त 2023 मई 2024 के कुल शिपमेंट 1,75,526 टन से कुछ अधिक रहा। भारत में कनाडा से इसका आयात नहीं या नगण्य होता है।
