कनाडा सहित अन्य निर्यातक देशों में दलहनों के बेहतर उत्पादन का अनुमान
29-Aug-2025 11:57 AM
ओटावा। सरकारी एजेंसी- स्टैट्स कैन ने पिछले साल के मुकाबले चालू वर्ष के दौरान तीनों प्रमुख दलहनों- मटर, मसूर एवं काबुली चना के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया है। वहां नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो चुकी है और मंडियों में नया माल आने से कीमतों पर दबाव पड़ने लगा है।
स्टैट्स कैन के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 की तुलना में 2025 के दौरान कनाडा में मटर का उत्पादन 29.97 लाख टन से 4.11 लाख टन उछलकर 34.08 लाख टन, मसूर का उत्पादन 24.31 लाख टन से 2.24 लाख टन बढ़कर 26.55 लाख टन तथा काबुली चना का उत्पादन 2.87 लाख टन से 22 हजार टन सुधरकर 3.09 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है।
इसके अलावा वहां जौ का उत्पादन 1.35 लाख टन बढ़कर 34.78 लाख टन, मक्का का 1.90 लाख टन बढ़कर 155.30 लाख टन, कैनोला का 6.93 लाख टन उछलकर 199.37 लाख टन पर पहुंचने की संभावना है जबकि दूसरी ओर गेहूं का उत्पादन 3.85 लाख टन गिरकर 355.54 लाख टन तथा सोयाबीन का उत्पादन 5.52 लाख टन घटकर 70.16 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान है।
उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने से कनाडा में इस बार दलहनों की आपूर्ति एवं उपलब्धता में इजाफा होगा। इसके साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया में देसी चना एवं मसूर तथा रूस में पीली मटर का उत्पादन बढ़ने के आसार हैं जिससे निर्यात योग्य स्टॉक में वृद्धि होगी।
इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि आगामी महीनों के दौरान वैश्विक स्तर पर इसका असर पड़ सकता है। ऑस्ट्रेलिया में दलहनों की नई फसल की कटाई-तैयारी अगले चार-पांच सप्ताहों में आरंभ होने वाली है। उधर अफ्रीकी देशों में तुवर का नया माल आना शुरू हो गया है जबकि म्यांमार में तुवर और उड़द की आवक पहले से ही हो रही है।
भारत में खरीफ कालीन दलहन फसलों की बिजाई लगभग पूरी हो चुकी है और उड़द तथा मूंग-मोठ के नए माल की आवक अक्टूबर में जोर पकड़ सकती है
जबकि तुवर फसल की कटाई-तैयारी दिसम्बर-जनवरी में आरंभ होगी। भारत में तुवर, उड़द एवं पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात सीमा को पहले ही 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया जा चुका है।
