केन्द्रीय बफर स्टॉक के लिए 4.70 लाख टन से अधिक तुवर की खरीद
06-May-2025 05:27 PM
नई दिल्ली। घरेलू उत्पादन तथा विदेशी आयात में बढ़ोत्तरी होने तथा थोक मंडी भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आने के कारण सरकारी एजेंसियों को इस बार अरहर (तुवर) की खरीद करने में अच्छी सफलता मिल रही है।
नैफेड एवं एनसीसीएफ जैसी सरकरी एजेंसियां महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना जैसे राज्यों में किसानों से 7550 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तुवर की खरीद कर रही हैं।
अब तक केन्द्रीय बफर स्टॉक के लिए 4.70 लाख टन से अधिक तुवर की सरकारी खरीद हो चुकी है जबकि खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है। सरकार को भरोसा है कि जल्दी ही खरीद की मात्रा बढ़कर 5 लाख टन से ऊपर पहुंच जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से बाजार भाव ऊंचा होने के कारण सरकार को तुवर की खरीद करने में ज्यादा सफलता नहीं मिल रही थी लेकिन इस बार परिदृश्य बदल गया है।
प्रमुख उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में तुवर का भाव अपने शीर्ष स्तर से काफी घटकर अब सरकारी समर्थन मूल्य के आसपास या उससे नीचे आ गया है।
सरकार को लगता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर 5.20-5.50 लाख टन के बीच तुवर की खरीद हो सकती है।
हालांकि सरकार ने प्रमुख उत्पादक राज्यों में कुल मिलाकर 13.22 लाख टन अरहर की खरीद की अनुमति दी है मगर वास्तविक खरीद उससे काफी पीछे रह जाएगी। फिर भी यदि 5 लाख टन या उससे अधिक की खरीद होती है तो वह 2019-20 के बाद सबसे बड़ी होगी।
नियमानुसार केन्द्रीय बफर स्टॉक में 10 लाख टन तुवर का भंडार होना चाहिए जबकि वर्तमान समय में वहां करीब 4.40 लाख टन का ही स्टॉक मौजूद है।
महाराष्ट्र की बेंचमार्क लातूर मंडी में तुवर का भाव घटकर 6800/6900 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है जो 7550 रुपए प्रति क्विंटल के एमएसपी से काफी नीचे है।
वहां सरकारी एजेंसियों को मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों से तुवर खरीदने में अच्छी सफलता मिल रही है। एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार आगामी महीनों के दौरान भी तुवर का भाव एमएसपी के आसपास ही रहने की संभावना है क्योंकि इसकी मांग ज्यादा मजबूत नहीं दिख रही है।
